ֆ:§֍:प्रदेशभर में जांच दल सक्रिय§ֆ:कृषि विभाग के आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि इस अभियान के तहत कृषि अधिकारियों की टीमें राज्य के विभिन्न ज़िलों में सक्रिय रूप से निरीक्षण करेंगी। यह टीमें खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं, गोदामों और निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर गुणवत्ता की जांच करेंगी। खास तौर पर औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण फार्म हाउस जैसे संभावित ठिकानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।§֍:कड़ी कार्रवाई का निर्देश§ֆ:यदि किसी दुकान या गोदाम में नकली या घटिया उर्वरक अथवा बीज पाया गया तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निलंबन, जब्ती और मुकदमा दर्ज करना शामिल है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
§֍:किसानों को मिलेगा बेहतर बीज और खाद§ֆ:राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राजस्थान के किसानों को खरीफ सीजन में बिना किसी बाधा के गुणवत्ता युक्त, प्रमाणित और उचित दर पर कृषि आदान (Input) उपलब्ध हो सके। नकली उत्पादों से किसानों को होने वाली हानि को देखते हुए विभाग इस बार ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।§֍:प्रशासन ने जिलों को दिए विशेष निर्देश§ֆ:राज्य के सभी जिला कृषि अधिकारियों और उपनिदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर निगरानी को सख्त करें। प्रत्येक कृषि आदान विक्रेता की जांच की जाए और संदिग्ध उत्पादों के नमूने प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजे जाएं। इस मौके पर कृषि आयुक्त ओला ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान का हर किसान सुरक्षित और गुणवत्ता आधारित खेती कर सके। नकली खाद या बीज बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह केवल कानूनी नहीं, नैतिक ज़िम्मेदारी भी है।”§खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के कृषि विभाग ने 15 मई से 10 जुलाई 2025 तक एक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है, जिसके तहत नकली खाद, बीज और कीटनाशकों की बिक्री और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

