֍:मौसम विभाग ने दी सलाह§ֆ:झारखंड में बारिश से परेशान किसानों के लिए मौसम विभाग ने सलाह जारी की है. इसमें बताया गया कि भारी बारिश होने के कारण सब्जियों की नर्सरी में जलभराव हो सकता है. इससे सब्जियों में सड़न की समस्या हो सकती है. बारिश के कारण फल झड़ सकते हैं और फलों में दाग लग सकते हैं. खेतों में जलभराव होने से सब्जियां भी खेत में सड़ सकती हैं. मौसम विभाग द्वारा सलाह में कहा गया है कि किसान खेत में उचित जल निकासी की व्यवस्था करें. खेत में जलभराव नहीं होने दें. जो फल और सब्जी खेत में तैयार हो गए हैं उनकी तुड़ाई करके उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रख दें. खड़ी फसल में रोग के प्रसार को कम करने के लिए खेत में गिरे हुए फलों को हटा दें. दवाओं या कीटनाशक का छिड़काव केवल साफ मौसम में करें.§֍:मौसम विभाग ने धान को लेकर कही ये बात§ֆ:धान की खेती को लेकर मौसम विभाग द्वारा सलाह में बताया गया कि किसान अपने खेत की नर्सरी में जलजमाव नहीं होने दें. खेत में धान की नर्सरी में पानी की निकासी की व्यवस्था करें. साथ ही रोग के प्रकोप से खेत को बचाने के लिए लगातार खेत की निगरानी करते रहें. इस बार झारखंड में अब तक सामान्य से 50 फीसदी कम बारिश हुई है. इसका सीधा असर धान की खेती पर पड़ा है. अभी भी किसान धान की नर्सरी की तैयारी कर रहे हैं. जिन किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है वो खेत तैयार करने के लिए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.§֍:पशुपालकों के लिए कही ये बात§ֆ:खेती के साथ-साथ मौसम विभाग ने पशुपालकों को लेकर भी मानसून के लिए सलाह जारी की है. इसमें बताया गया कि वो मुर्गियों और छोटे मवेशियों को टीकाकरण जरूर कराएं, साथ ही पशुओं के रहने वाले स्थान में हवादार बनाए रखें. मवेशियों को खुला नहीं छोड़े और मौसम की स्थिति को देखते हुए उन्हें बाहर जाने दें. मवेशियों के घर को अच्छे से ढंक कर रखें. §झारखंड को लेकर मौसम विभाग ने मानसून में अच्छी बारिश होने की आशंका जताई थी. जिसके बाद तेज बरिश हुई लेकिन यहां के किसानों पर नुकसान का बोझ बढ़ गया है. सब्जी के खेतों में जलभराव हो गया है. इससे किसानों की सब्जी की खेती नष्ट होने की कगार पर आ गई है. ऐसे में मौसम विभाग की ओर से किसानों के लिए सब्जी की खेती बचाने के लिए सलाह जारी की गई है. इन सलाह का पालन करके किसान अपने खेत की सब्जियों को आने वाली भारी बारिश से भी बचा सकेंगे.

