जयपुर। सावन की पहली फुहारें सोमवार को शहर के लिए राहत की जगह आफत बनकर आईं। शाम छह बजे से ढाई घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने राजधानी जयपुर की ‘स्मार्ट सिटी’ वाली हकीकत को उजागर कर दिया। सड़कों से लेकर अस्पतालों तक पानी भर गया और प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बनकर रह गया।
दिनभर की उमस और तेज गर्मी के बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तीव्र थी कि शहर के कई हिस्सों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। प्रमुख सड़कों पर वाहन फंसे, कई जगह पलटे और लोग घायल हुए।
50 से ज्यादा जगहों पर ट्रैफिक जाम
ट्रैफिक कंट्रोल रूम को शाम से रात 10 बजे तक 50 से अधिक लोकेशनों से जाम की सूचनाएं मिलीं। प्रताप नगर, मालवीय नगर, एमआई रोड, सांगानेर, बनीपार्क और जवाहर सर्किल जैसे क्षेत्रों में घंटों तक लोग जाम में फंसे रहे।
अस्पताल भी नहीं बचे
जेकेलोन अस्पताल के एक्स-रे रूम, इमरजेंसी ब्लॉक और मुख्य द्वार तक पानी भर गया। मरीजों को गोद में उठाकर अंदर लाना पड़ा। एसएमएस अस्पताल के बाहर सड़कों पर जलजमाव के चलते एंबुलेंस भी फंसी रही।
यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को शेड के अभाव में भीगते हुए ट्रेनों में चढ़ना पड़ा। एयरपोर्ट पर भी परेशानी कम नहीं रही — शाम 6 बजे एक फ्लाइट को दिल्ली डायवर्ट करना पड़ा जबकि बाकी फ्लाइट्स हवाई होल्ड में रहीं।
प्रशासन पर उठे सवाल
नगर निगम और जेडीए की तैयारियां हर साल की तरह इस बार भी बारिश के सामने फेल रहीं। नालों की सफाई के दावे पहले ही बह गए। शहरवासी सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर हर साल यही कहानी क्यों दोहराई जाती है?

