֍:ये दवाएं हुईं फेल§۩:Uploads/NewsImages/26-09-2024/fEyZ6IGscuXTy50qEpks.jpg|§ֆ:
भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में पैरासिटामोल टैबलेट्स, ग्लाइमेपिराइड, टेल्मा H, Pan D, शेल्कल C और D3 कैल्शियम सप्लीमेंट्स, क्लैवम 625, सेपोडेम XP 50 ड्राई सस्पेंशन, Pulmosil, Pantocid, Ursocol 300 और Defcort 6 टेस्ट में फेल हो गईं.
§֍:कंपनियों ने कही ये बात§ֆ:दवाओं के परीक्षण की रिपोर्ट आने पर कंपनियों ने जवाब में दावा किया कि रिपोर्ट में बताए गए बैच उनके द्वारा निर्मित नहीं किए गए थे और यह उत्पाद नकली हो सकते हैं. कंपनियों ने यह भी कहा कि वे इस मामले में जांच के नतीजों का इंतजार कर रही हैं. इसको लेकर CDSCO ने बताया कि यह रिपोर्ट नकली दवाओं के उत्पादन की जांच के परिणाम पर निर्भर करती है. फिलहाल, नियामक एजेंसी यह देख रही है कि क्या वास्तव में इन दवाओं को नकली रूप में बाजार में उतारा गया है या मानकों के उल्लंघन के तहत निर्मित किया गया है. इस जांच का परिणाम आने तक, ये दवाएं बाजार में बिकने पर रोक नहीं लगाई गई हैं, लेकिन नियामक ने संबंधित कंपनियों से आवश्यक कदम उठाने को कहा है.§۩:Uploads/NewsImages/26-09-2024/j1dr4kLCvxCRTqu9iFlO.jpg|§֍:क्या है CDSCO?§ֆ:CDSCO भारत का केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन है, जो देश में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और सौंदर्य प्रसाधनों के नियमन और मानकों के लिए जिम्मेदार प्रमुख संस्था है. CDSCO एक तरह रेग्युलेटरी ऑर्गनाइजेश की तरह काम करता है जो कि देश में उपलब्ध दवाएं, चिकित्सा उपकरण और सौंदर्य प्रसाधन के लिए तय करता है कि वह सुरक्षित, प्रभावी और क्वालिट स्टैंडर्ज के मानकों के अनुसार ही हों. §भारत में सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन द्वारा एक ड्रग क्वालिटी टेस्ट अगस्त महीने में कराया गया था. इसमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, विटामिन, कैल्शियम डी3 सप्लीमेंट्स, बच्चों में बैक्टीरियल संक्रमण, एसिड रिफ्लक्स और पेट संक्रमण की कई दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गईं. CDSCO ने अगस्त 2024 में एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में देशभर में आमतौर पर उपयोग की जाने वाली कई महत्वपूर्ण दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाई गईं. रिपोर्ट के अनुसार, इन दवाओं को नो स्टैंडर्ड क्वालिटी का घोषित किया गया है.

