֍:किसान नेताओं ने दी प्रतिक्रिया§ֆ:चंडीगढ़ में हो रहे प्रदर्शन को लेकर किसा नेताओं का कहना है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने महिलाओं समेत लगभग एक हजार किसानों को मटका चौक तक मार्च निकालने की इजाजत दी है. भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगिंदर सिंह उगराहन ने इस मार्च की अगुवाई की, जिसमें किसान नेता राकेश टिकैत भी शामिल हुए.§֍:कोचिंग सेंटरो की छुट्टी§ֆ:चचंडीगढ़ के सेक्टर 34 में एक शैक्षिक संस्थान और एक व्यवसायिक केंद्र भी है. प्रदर्शन को लेकर इन निजी कोचिंग ने सोमवार से ही छुट्टी का ऐलान कर दिया है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पांचवें दिन अपनी मांगों का ज्ञापन सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और विपक्षी नेताओं को सौंपेंगे. पहले किसान नेताओं ने विधानसभा की तरफ मार्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें सिर्फ मटका चौक तक ही मार्च करने की इजाजत दी.§֍:
नीतियां लागू करने में हो रही देरी
§ֆ:प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि पंजाब सरकार की ओर से कृषि नीति को लागू करने में देरी हो रही है. बताया गया कि दो साल से ज्यादा समय से शासन कर रही आम आदमी पार्टी ने अभी तक वादा की गई कृषि नीति को लागू नहीं किया है. पंजाब खेत मजदूर यूनियन के महासचिव लछमन सिंह सेवेवाला ने बताया कि किसानों की अन्य मांगों में रसायन मुक्त फसलों का प्रमोशन, आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा, और राज्य में नशे की समस्या को नियंत्रित करने की मांग शामिल है.§भारतीय किसान यूनियन और पंजाब खेत मजदूर यूनियन की ओर से हजारों किसानों ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन शुरु कर दिया है. ये चंडीगढ़ के सेक्टर 34 से मटका चौक तक पांच दिनों तक चलने वाला है. इसकी शुरुआत 2 सिंतबर से हो चुकी है. प्रदर्शन को लेकर किसानों का उद्देश्य पंजाब सरकार पर दबाव बनाना है, जहां उन्होंने कृषि नीतियों को लागू करने की मांग रखी है.

