֍:पंजाब किसानों को सता रही DAP की किल्लत§ֆ:डीएपी की कमी के चलते जहां किसानों से कहा जा रहा है कि उन्हें डीएपी के हर बैग के साथ त रलीकृत नैनो डीएपी खरीदना होगा. इसमें आवश्यक पोषक तत्वों की कमी बताई जा रही है, जो फसल की पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है. राज्य के कृषि निदेशक जसवंत सिंह ने हालांकि डीएपी की कमी से इनकार किया, लेकिन वह राज्य के पास उपलब्ध मौजूदा स्टॉक के आंकड़े साझा करने से हिचक रहे हैं.§֍:नकली खाद की भी हो रही बिक्री§ֆ:कृषि अधिकारीयों के मुताबिक 13 अगस्त को राज्य के पास 40,942 टन डीएपी स्टॉक में था. उन्होंने कहा कि 30 अगस्त को अतिरिक्त मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर उन्हें डीएपी की कमी से अवगत कराया. मोगा के सलीना गांव के प्रगतिशील किसान तरसेम सिंह ने कहा कि डीएपी की अनुपलब्धता ने गेहूं उत्पादकों को चिंतित कर दिया है. धान की कटाई के बाद हम गेहूं की बुवाई के लिए खेतों को तैयार करना शुरू कर देंगे. हमें आशंका है कि डीएपी की कम उपलब्धता से कालाबाजारी हो सकती है. मोगा में हाल ही में हुई एक घटना ने किसानों को और अधिक भयभीत कर दिया है, जब अधिकारियों ने बाजार में खुलेआम बेची जा रही नकली खाद बरामद की.§रबी का सीजन शुरु होने के साथ गेहूं जैसी फसलों की बुवाई शुरु हो गई है. इसके चलते पंजाब किसानों को राज्य में DAP की समस्या आ रही है, क्योंकि राज्य में डीएपी नहीं मिल रही है. पंजाब में गेहूं की बुआई 15 अक्टूबर के बाद शुरू होती है, जबकि दक्षिण-पश्चिम जिलों में नवंबर के पहले सप्ताह से बुआई शुरू होती है. इसी के चलते भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बुधवार को बाजार में बेची जा रही नकली खाद और डीएपी की कमी के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया है. सबसे बड़ी कृषि यूनियन के राज्य महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने पंजाब भर के 16 जिलों में 17 जगहों पर धरना दिया.

