֍:कृषि विभाग का एक्शन!§ֆ:रिपोर्ट के मुताबिक, कपूरथला के नवांपिंड गेटवाल गांव के किसान गुरनूर सिंह का कहना है कि उन्होंने 70 एकड़ में धान की खेती की है. कुछ दिन पहले वे खेत पर गए थे. उन्होंने देखा कि खेत के एक हिस्से में धान के दाने पक चुके हैं. वहीं, दूसरे हिस्सों में दाने अभी भी पैनिकल इनीशिएशन अवस्था में थे. यानी वे दूध बनने की अवस्था में नहीं पहुंचे थे. खास बात यह है कि उनके 70 एकड़ में लगी धान की फसल का यही हाल है. कुछ दिन बाद गुरनूर सिंह को जल्द ही उन्हें पता चला कि कई अन्य किसान भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में सभी को फसल की पैदावार प्रभावित होने के भय सता रहा है. वहीं, जांच करने पर कृषि विभाग ने पाया कि किसानों द्वारा बोए गए बीज में एक कम अवधि वाली किस्म की मिलावट है. इसके चलते ये समस्याएं आ रही हैं.
§֍:800 एकड़ की फसल हुई प्रभावित§ֆ:हालांकि, कृषि विभाग ने बीज भंडार मालिक का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है और इस किस्म को बनाने वाली कंपनी को कारण बताओ नोटिस भेजा है. जानकारी के अनुसार गुरदासपुर क्षेत्र में भी कुछ किसानों को इस समस्या का सामना करना पड़ा है. गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों ने इस समस्या की शिकायत की है. उन्होंने बताया कि कंपनी और स्टोर मालिक को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. कपूरथला के नवांपिंड गेटवाल, मिठरा, छोटा बूलपुर, धाम और कुछ अन्य गांवों के कई किसानों ने 800 एकड़ से अधिक भूमि पर लंबी अवधि वाली किस्म (एसआर 110) बोई थी. बीज स्थानीय स्टोर से खरीदे गए थे. लेकिन वे एक ही खेत में धान के पौधों की वृद्धि में अंतर देखकर हैरान रह गए.
§पंजाब के कपूरथला जिले में धान उत्पादक किसानों के साथ बहुत बड़ी चिटिंग हुई है. उन्हें ब्रांडेड कंपनियों के बैग में मिलावटी धान के बीज दिए गए हैं. इससे खेतों में लगी फसल प्रभावित हुई है. किसानों का कहना है कि अगर उम्मीद के मुताबिक पैदावार नहीं हुई, तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा. खास बात यह है कि इस तरह की चिटिंग कोई एक किसान के साथ नहीं हुई है, बल्कि कई किसान मिलावटी बीज के शिकार हुए हैं. वहीं, शिकायत के बाद कृषि विभाग मिलावटी बीज बेचने वाले दुकानदार का लाइसेंस रद्द कर दिया है.

