֍:1. पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी किसानों के लिए कैसे कार्य कर रही है। §ֆ:पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की स्थापना किसानों के लिए 1962 में की गई थी। तब से लेकर आज तक इस यूनिवर्सिटी के द्वारा किसानों के लिए तमाम तरह के कार्य किए जा रहे हैं। पीएयू एग्रीकल्चर के कई हिस्सों में कार्य कर रही है, जिसमें एक्सटेंशन, रिसर्च और एजुकेशन, शामिल है। पहले हम किसानों के लिए टेक्नोलॉजी विकसित करते हैं। जिसमें वैरायटी, प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी, प्रोसेसिंग सीड टेक्नोलॉजी जैसे कार्य हमारी तरफ से किसानों के लिए किए जाते हैं। पीएयू की ओर से ईजाद सभी टेक्नोलॉजी को हम किसानों के बीच पहुंचाने का कार्य करते हैं। किसानों तक हमारी सुविधाएं पहुंचाने के लिए हमारा एक्सटेंशन सिस्टम काफी मजबूत है। इसके बाद हम काम करते हैं, शिक्षा पर पीएयू द्वारा कृषि से संबंधित नए- नए कोर्स यूनिवर्सिटी में कराए जाते हैं। जिसमें यूजी प्रोग्राम, पीजी प्रोग्राम, डॉक्टरेट प्रोग्राम समेत बिजनेस मैनेजमेंट के कोर्स को भी जोड़ा गया है, ताकि आने वाले समय में कृषि क्षेत्र को नए वैज्ञानिकों के द्वारा नई किस्में मिल सकें और किसानों को उनके प्रोडक्शन में इजाफा मिले।
§۩:Uploads/NewsImages/28-05-2024/D6htTYMyjao6xWAjhotU.jpg|§֍:2. पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर बनने के बाद किन योजनाओं पर कार्य जा रहा हैं? §ֆ:पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को बनें करीब 60 साल का समय बीत चुका है। पहले से ही यहां किसानों के उत्थान के कार्य चल रहे हैं। लेकिन वाइस चांसलर का पद संभालने के बाद यहां किसानों के लिए हमने कई नई योजनाओं पर काम शुरु किया है। साथ ही अब पंजाब सरकार की ओर से भी हमें काफी सहयोग मिला। यूनिवर्सिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर कई काम किए जा रहें हैं। हाल ही हमने ‘क्लीन एंड ग्रीन ड्राइव’ को शुरु किया है। जिसके तहत हम यहां की ग्रीनरी में एक क्रन्तिकारी बदलाव लाने पर काम कर रहे हैं। पिछले कई वर्षों से यहां के पेड़- पौधे सही स्थिती में नहीं थे। लेकिन आज इस पर पूर्ण कार्य किया जा रहा है। ताकि आने वाले समय में हमारे कार्यों की पहचान ना सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी हो सके।
§֍:3. पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के द्वारा किसानों के लिए कौन सी नई योजनाओं पर कार्य किए जा रहे हैं?§۩:Uploads/NewsImages/28-05-2024/Hpvxkb3rqV7E2VvvvPtd.jpg|§ֆ:किसानों के लिए पीएयू द्वारा कई योजनाओं पर कार्य किए जा रहे हैं। लेकिन एक किसान के लिए सबसे बड़ी मांग अच्छे और उच्च गुणवत्ता वाले बीज की होती है। अगर किसान को बीज अच्छा मिल जाए तो उसकी उपज बढ़ जाती है। किसानों की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए हमने एक 1200 एकड़ का सीड फार्म चलाया जहां हम क्वालिटी सीड प्रोड्यूस करते हैं। एक साल की बात करें तो इस फार्म में हम बीज की पैदावार करते हैं। जो अलग-अलग फसल के लिए काम आते हैं। प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले हमारे बीज किसानों को उच्च गुणवत्ता के साथ कीमत में भी राहत देते हैं। इसके साथ ही पीएयू कृषि के दूसरे क्षेत्रों में भी कार्य करने वाले उत्सुक किसानों के लिए भी बेहतर विकल्प तलाश रही है। पीएयू द्वारा हॉर्टिकल्चर की तरफ जाने वाले किसानों के लिए बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। हॉर्टिकल्चर में हमारी अलग- अलग क्रॉप जैसे किन्नू, अमरूद, बेर, आम जैसी फसलों की हम नर्सरी पैदा करते हैं। 7 लाख प्लांट पीएयू हर साल तैयार करता है, जब पीएयू किसान मेले के दौरान किसान यहां आते हैं तो ये प्लांट अपने साथ लेकर जाते हैं। साथ ही सब्जियों के लिए भी हमने किसानों के लिए सीड किट तैयार कर दी हैं। जिसमें कई तरह की सब्जियां होती है, इस किट की कीमत 100-200 के बीच होती है। पीएयू किसान मेले में आने वाले किसानों को यह काफी पंसद भी आती है। फल और सब्जियों के बाद पीएयू ने मिलेट्स की भी एक किट तैयार की है। आज बाजार में मिलेट की डिमांड ज्यादा है। साथ ही पाउडर, दाल, तेल समेत हमने कई नई किट किसानों के लिए तैयार कर रखी है ताकि उनकी घर की जरुरते जो हैं वो पूरी हो जाएं।
§֍:4. PAU के द्वारा युवाओं के लिए कौन- कौन से नए प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, ताकि कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़े?§۩:Uploads/NewsImages/28-05-2024/dKhwrojHkQj6c5bScicI.jpg|§ֆ:किसानों को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के लिए पीएयू द्वारा स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर के जरिए हम युवाओं को एग्रीकल्चर से जुड़ी स्किल उपलब्ध कराई जाती हैं। यहां युवाओं को 2 से लेकर 6 दिन तक की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के बाद हम युवाओं को अपनी स्किल को आकने का समय भी देते हैं। पीएयू के पास इक्यूवेशन सेंटर है। जहां युवा 10-15 दिन में अपने उत्पादों को बना कर देखते हैं, कि कहीं कोई कमी तो नहीं आ रही है। इस पूरे प्रोसेस के बाद यूनिवर्सिटी के द्वारा बिजनेस के लिए युवाओं की मदद करती है। उन्हें लोन और सहायता राशि प्रदान की जाती है, इस तरीके से पीएयू ने 70 उद्यमी और स्टार्टअप बनाएं हैं, जो आज पीएयू के सहयोग से अपनी इंडस्ट्री लगाने में कामयाब साबित हुए हैं।
§֍:5. यूनिवर्सिटी की ओर से आप किसानों को क्या संदेश देना चाहेंगे ?§ֆ:किसानों को क्वालिटी प्रोड्क्शन पर ध्यान देना चाहिए। किसान जब अपनी क्वालिटी पर ध्यान देंगे तो उन्हें अपनी फसलों को दूसरे देश, या भारत के अन्य राज्यों में भेजने में कोई समस्या नहीं आएगी। साथ ही किसानों को प्राइमरी प्रोसेसिंग खुद ही करनी चाहिए। इसके साथ ही किसानों को सेल्फ मार्केटिंग पर ध्यान देना चाहिए। इससे किसानों की आय में इजाफ़ा होगा ।
§ֆ:§कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी अहम भूमिका में हैं। यहां किसानों के उत्थान के लिए सभी तरह के कार्य किए जाते हैं। इस बीच फसल क्रांति की टीम पहुंची पंजाब के लुधियाना में मौजूद पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में। जहां हमने बात की यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर. डॉ.सतबीर सिंह गोसल से। पेश हैं उनसे बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण अंश

