कृषि और इससे जुड़े स्टार्टअप के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (CCS HAU), हिसार में भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की सहायता से ‘एग्रीबिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर’ (एबिक) स्थापित किया गया है। इस सेंटर के माध्यम से छात्र, किसान और उद्यमी अब कृषि आधारित स्टार्टअप के लिए 4 लाख से 25 लाख रुपये तक की ग्रांट प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन की अंतिम तारीख 10 सितंबर 2025
युवाओं, किसानों और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत इच्छुक उम्मीदवार 10 सितंबर 2025 तक विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.hau.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया नि:शुल्क है और पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है।
तीन विशेष प्रोग्राम – ‘पहल’, ‘सफल’ और ‘छात्र कल्याण’
इस योजना के अंतर्गत ‘छात्र कल्याण प्रोग्राम’, ‘पहल’ और ‘सफल-2025’ नाम से तीन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य छात्रों को स्टार्टअप की ओर प्रोत्साहित करना, व्यावसायिक ट्रेनिंग देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
चयन और ट्रेनिंग की प्रक्रिया
आवेदकों को अपने इनोवेटिव आइडिया का प्रपोजल ऑनलाइन जमा करना होगा। इसके बाद विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ समिति चयनित आइडियाज को एक महीने की विशेष ट्रेनिंग के लिए आमंत्रित करेगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भारत सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा अंतिम चयन किया जाएगा और ग्रांट मंजूर की जाएगी।
महिलाओं को विशेष प्रोत्साहन
महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान रखा है। इससे महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने की स्थिति में होंगी।
कुलपति का बयान
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि एबिक सेंटर के ज़रिए छात्र, किसान, महिला और युवा उद्यमी कृषि आधारित व्यवसायों जैसे प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, नेटवर्किंग, लाइसेंसिंग, पेटेंटिंग और फंडिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर अपने आइडिया को हकीकत में बदल सकते हैं।

