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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने आधिकारिक आवास में उन प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से मुलाकात की, जिन्होंने हाल ही में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह भेंट केवल एक औपचारिक शिष्टाचार मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसमें प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों की भूमिका, उनके अनुभव और वैश्विक मुद्दों पर भारत की स्थिति को लेकर गंभीर चर्चा की।
§֍:भारत की विचारधारा को वैश्विक मंचों पर रखा गया§ֆ:इन प्रतिनिधिमंडलों ने विदेशों में आयोजित सम्मेलनों, बैठकों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत की विदेश नीति, सांस्कृतिक विरासत, शांति की परंपरा और आतंकवाद के विरुद्ध भारत की स्पष्ट नीति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि इन प्रतिनिधियों ने भारत के दृष्टिकोण को न केवल सही रूप में दुनिया के सामने रखा, बल्कि देश का गौरव भी बढ़ाया।
§֍:प्रधानमंत्री ने कही यह बात§ֆ:प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा:
“आज विभिन्न देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर अत्यंत गर्व की अनुभूति हुई। उन्होंने जिस समर्पण और आत्मविश्वास से भारत की शांति नीति और आतंकवाद के खिलाफ हमारे रुख को वैश्विक मंचों पर रखा, वह सराहनीय है। हमें गर्व है कि ऐसे समर्पित नागरिक हमारे देश का चेहरा बनकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खड़े हुए।”
§֍:विदेश नीति में वैश्विक मानवीय मूल्यों का समावेश§ֆ:प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति अब केवल राजनीतिक या आर्थिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें वैश्विक शांति, सहयोग और मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को दोहराते हुए कहा कि भारत हर राष्ट्र को एक परिवार का हिस्सा मानते हुए अपनी भूमिका निभा रहा है।
§֍:प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव§ֆ:प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों ने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्होंने विदेशों में जलवायु परिवर्तन, वैश्विक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष कैसे रखा। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक मंचों पर भारत के दृष्टिकोण को कितना सराहा गया।
§֍:युवाओं को प्रेरणा देने पर जोर§ֆ:प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभवों को समाज और खासतौर पर युवाओं के साथ साझा करें, ताकि भविष्य के प्रतिनिधि प्रेरणा ले सकें और अधिक प्रभावी रूप से भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे प्रतिनिधिमंडलों को प्रशिक्षण, सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।
§֍:प्रधानमंत्री ने जताया आभार§ֆ:प्रधानमंत्री ने अंत में सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी से भारत की एक सशक्त, शांतिप्रिय और प्रगतिशील छवि वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले वर्षों में भारत का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और भी सशक्त होगा।§

