भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे के तहत आज बरेली पहुंचीं, जहां उन्होंने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के ग्यारहवें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। बरेली पहुंचने पर राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने पशु चिकित्सा विज्ञान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न प्राणियों का संवर्धन होगा, तब जैव-विविधता बढ़ेगी और यह धरती तथा मानव जाति के लिए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने संस्थान से आग्रह किया कि वह जैव-विविधता को बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाए और पूरे देश के लिए एक आदर्श संस्थान के रूप में उदाहरण प्रस्तुत करे।
राष्ट्रपति ने पशुओं के लिए स्वदेशी और कम लागत वाले उपचार और पोषण के विकल्प खोजने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा संस्थानों को ऐसे दवाओं के विकल्प तलाशने चाहिए जिनके दुष्प्रभाव न केवल पशुओं बल्कि मनुष्यों और पर्यावरण पर भी पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा और पशुपालन देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और इस क्षेत्र में शोध, नवाचार और जागरूकता से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इस दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी, वैज्ञानिक और अतिथि उपस्थित थे। समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां और स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।
राष्ट्रपति का यह दौरा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, पशु विज्ञान और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। आगामी दिन में वे गोरखपुर का दौरा करेंगी, जहां वे एम्स गोरखपुर और आयुष विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगी।

