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सीएम ने कही ये बात
§ֆ:सीएम यादव ने कहा, हाथियों से संबंधित घटनाएं आमतौर पर छत्तीसगढ़ से हाथी के झुंड के आने के कारण होती हैं. मैं इस मुद्दे को मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़) के समक्ष उठाऊंगा. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, “दोनों राज्यों के वन विभागों को आपस में समन्वय स्थापित करना चाहिए, ताकि हाथियों के बड़े झुंडों के प्रवेश के कारण पैदा होने वाली स्थिति से बचने के लिए हम एक-दूसरे के संपर्क में रह सकें. हम भविष्य में आने वाली कठिन चुनौतियों के बारे में मिलकर चर्चा करेंगे.” §֍:जानवरों की होगी ट्रैकिंग §ֆ:रविवार को मुख्यमंत्री यादव ने हाथी टास्क फोर्स, रेडियो ट्रैकिंग और वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद से एक दीर्घकालिक योजना की जरूरत पर जोर दिया, ताकि जंगली हाथियों की मौतों और मनुष्यों पर हमलों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके. सीएम यादव ने कहा, “छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से आने वाले हाथी हमारे पार्कों के अच्छे वातावरण और प्रबंधन के कारण वापस नहीं लौट रहे हैं. वे मध्य प्रदेश की वन गतिविधियों का अभिन्न अंग बन गए हैं. इसे ध्यान में रखते हुए हमें उनके लिए एक स्थायी योजना बनानी होगी.” §मध्य प्रदेश में उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत हो गई. इसपर उच्च स्तरीय जांच के बाद सीएम यादव ने बीटीआर के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया. जिसके बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वह छत्तीसगढ़ के अपने समकक्ष के साथ पड़ोसी राज्य से हाथियों के झुंड के मध्य प्रदेश में घुसने से पैदा हो रही चुनौतियों पर चर्चा करेंगे. छत्तीसगढ़ दौरे पर गए सीएम यादव ने तमाम मुद्दों पर दोनों राज्यों के वन विभागों के बीच समन्वय की भी वकालत की. हाथियों की मौत की घटना से पहले उमरिया जिले में एक हाथी ने 3 लोगों की जान भी ले ली थी.

