֍:§ֆ:इस योजना का मुख्य उद्देश्य पंजाब में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देना, पराली जलाने की घटनाओं को कम करना और किसानों को उन्नत तकनीकों से जोड़ना है। इसके तहत चयनित फर्मों द्वारा कृषि मशीनें एवं यंत्र जैसे सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हैपी सीडर, मल्चर, रोटावेटर, जीरो टिल ड्रिल, चोपर आदि किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाएंगे।§֍: आवेदन की प्रक्रिया:§ֆ:इच्छुक फर्मों को सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन लिंक के माध्यम से 30 जून 2025 तक अपलोड करने होंगे:
???? https://forms.gle/6vXg3nat3d2fnwtH7
§֍: पात्रता:§ֆ:• फर्म का पंजीकरण भारत में मान्य होना चाहिए।
• निर्माता या अधिकृत वितरक होना अनिवार्य है।
• पिछले वर्षों में कृषि उपकरणों की आपूर्ति का अनुभव व प्रमाणिकता आवश्यक है।
• उत्पादों की BIS मान्यता और गुणवत्ता नियंत्रण के दस्तावेजों की जरूरत होगी।
• विस्तृत दिशानिर्देश, नियम व शर्तें विश्वविद्यालय की वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं:
???? www.pau.edu
???? www.agrimachinerypb.com
किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए ईमेल के माध्यम से संपर्क करें:
empanelmentpb@pau.edu
§֍:योजना के लाभ:§ֆ:• किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की आसान उपलब्धता।
• पराली जलाने से उत्पन्न प्रदूषण में कमी।
• समय, श्रम और लागत की बचत।
• खेत की उत्पादकता में वृद्धि।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने सभी योग्य और इच्छुक फर्मों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन कर राज्य के कृषि क्षेत्र में तकनीकी सशक्तिकरण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब सरकार की ओर से राज्य के किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध करवाने और पराली प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने हेतु वर्ष 2025-26 के लिए फर्मों के पैनल में शामिल होने हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पहल केंद्र सरकार की सीआरएम (Crop Residue Management) और एसएमएएम (Sub-Mission on Agricultural Mechanization) योजनाओं के अंतर्गत की जा रही है।

