֍:पड़ोसी देशों से आएगा आलू §ֆ:सरकार आलुओं की मांग को पूरा करने के लिए अन्य देशों से सहायता लेने की तैयारी कर रही है. जिससे की आम लोगों को राहत मिल सके. सरकार पड़ोसी देश भूटान जैसे अन्य पड़ोसी देशों से आलू का आयात करने का विचार कर रही है.
§֍:आलू के दामों पर कैसे लगेगी रोक ?§ֆ:सरकार का कहना है कि आलुओं के उत्पादन में कमी होने के कारण इसके दाम बढ़ते जा रहे हैं. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि सरकार जल्द ही भूटान से आलुओं के आयात को लेकर मंजूरी दे सकती है. इसके अलावा अन्य देशों से भी आलुओं का आयात किया जा सकता है.
ऐसा भी कहा जा रहा है कि अभी आलुओं के छोटे-छोटे ऑर्डर के आयात को लेकर मंजूरी मिल सकती है. पिछले साल भी सरकार ने भूटान से आलू खरीदने को मंजूरी दी थी.
§֍:आलू के उत्पादन में आई कमी §ֆ:आलुओं के उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है. भारत से पहले केवल चीन है. आलू का उत्पादन पिछले साल 60.14 मिलियन टन था. इस साल उत्पादन कम होने की आशंका जताई जा रही है. जो 58.99 मिलियन टन तक ही रह सकता है. जिसके कारण आलुओं के दाम और बढ़ सकते हैं.
§֍:खराब मौसम से पड़ रहा महंगाई पर असर §ֆ:देश के कई इलाकों में तेज बारिश के कारण कई सब्जियों और फलों को काफी नुकसान हुआ है. जिसके कारण सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं. पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य भारी बारिश के कारण काफी प्रभावित हुए है. आली, टमाटर और प्याज की महंगाई 48.4 फीसदी तक पहुंच चुकी है. ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले समय में सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं.
§सब्जियों के दाम (Vegetables Rates) अभी भी कम नहीं हुए हैं. टमाटर और प्याज (Tomato and Onion Price) के दाम आसमान पर हैं. जिसके बाद अब आलू के दामों में भी वृद्धि हो गई है. आलुओं के स्टॉक में भी कमी आ रही है. लेकिन ऐसा माना जा रहा है की जल्द ही आलुओं के दाम पर भी लगाम लग सकती है. सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है.

