֍:बिहारवासी ने दी जानकारी§ֆ:बिहार के निवासी उत्सव ठाकुर ने बताया कि वे करीब 20 सालों से बिहार में रह रहे हैं. यहां उन्हें दिवाली के बाद ही प्रदूषण में बढ़ौतरी देखने को मिलती थी, जो कि कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती थी. पटना में कई जगहों का AQI गंभीर स्तर पर पहुंच गया है, जो कि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. §֍:दिवाली से पहले शुरु हुआ वायु प्रदूषण§ֆ:दिवाली के पहले ही पटना जिले में AQI लेवल बढ़ता नजर आ रहा है. बता दें कि पटना के हाजीपुर में 249 और कटिहार में 228 दर्ज किया गया है. आसनसोल का AQI 229, बिहार शरीफ-158, बक्सर-141, बेगूसराय- 218, गया- 143, हाजीपुर- 249, मुजफ्फरपुर- 127, मुंगेर में 225 AQI दर्ज किया गया.§֍:CPCB ने दी जानकारी§ֆ:केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, ‘खराब’ श्रेणी में आने वाला AQI लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ़ का कारण बन सकता है, जबकि ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आने वाले लोगों को लंबे समय तक सांस संबंधी बीमारियों का ज्यादा जोखिम होता है. §֍:ऐसे करें बचाव§ֆ:प्रदूषण से बचने के लिए मुंह, नाक ढक कर घर से बाहर निकलें या मास्क लगा कर निकलें. आंखों की एलर्जी से बचने के लिए आंखों पर चश्मा लगाकर निकलें. ज्यादा प्रदूषण में घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें. ऐसे में पार्क में खेलने जाने वाले बच्चों को घर पर ही इनडोर गेम्स खेलने को कहें. §ठंड के मौसम के आते ही हवा में खराबी आनी शुरु हो जाती है. इसके लिए पराली जलाना, त्योहारों पर पटाखे, गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण को दोषी ठहराया जाता है. दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर कई मामले सामने आते हैं. इसी के चलते अब बिहार के कई इलाकों में प्रदूषण का लेवल बढ़ता नजर आ रहा है. पटना सहित कई शहरों की हवा में सांस लेना दूभर हो गया है.

