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क्या है पीएम कृषि धन्य धान्य योजना?
§ֆ:पीएम कृषि धन्य धान्य योजना को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य फसल विविधीकरण, टिकाऊ खेती के तरीकों, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण दोनों तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना है. इस पहल से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है. पीएम कृषि धन्य धान्य योजना में 100 जिले शामिल होंगे. इसके उद्देश्य हैं – फसल विविधीकरण, भंडारण क्षमता में वृद्धि, सिंचाई में सुधार और किसानों के लिए दीर्घावधि और अल्पावधि ऋण की सुविधा प्रदान करना.
इसी के साथ बजट में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की गई है. इसमें तीन प्रमुख दालों को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है. इसमें तूर, उड़द और मसूर शामिल है.
§֍:केसीसी पर बड़ा ऐलान§ֆ:वित्त मंत्री ने घोषणा की कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋण की सुविधा प्रदान करना जारी रखेंगे. इसके अतिरिक्त, संशोधित ब्याज छूट योजना के तहत केसीसी के माध्यम से लिए गए ऋणों के लिए ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी जाएगी, जिससे कृषि उत्पादन के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिलेगी.§केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी को बजट की पेशकश करते हुए किसानों के लिए एक नई योजना का ऐलान किया है, इससे किसानों को अधिक लाभ होने की संभावनाएं बढ़ेंगी. किसानों के लिए प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना का ऐलान किया है. राज्यों के साथ सरकार ये योजना चलाएगी. 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी. इस बजट में इस नई योजना की शुरुआत की गई है. इसका उद्देश्य कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी लाने के लिए शुरु की जा रही है.

