प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (PM VIKAS) योजना के अंतर्गत तीसरी सशक्त समिति (Empowered Committee) की बैठक नई दिल्ली स्थित पं. दीनदयाल अंत्योदय भवन के चिंतन कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने की।
PM VIKAS योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसका उद्देश्य छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों — मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी — के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। यह योजना ‘सीखो और कमाओ‘, ‘नई मंज़िल‘, ‘नई रोशनी‘, ‘उस्ताद‘ और ‘हमारी धरोहर‘ जैसी पांच पूर्ववर्ती योजनाओं को समेकित कर क्रियान्वित की जा रही है।
योजना के मुख्य घटक हैं:
- पारंपरिक एवं गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में कौशल विकास और प्रशिक्षण
- महिला नेतृत्व एवं उद्यमिता को बढ़ावा
- शिक्षा के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के माध्यम से सहयोग
- बुनियादी ढांचे का विकास, जो प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत किया जा रहा है
- लाभार्थियों को क्रेडिट लिंक प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (NMDFC) से जोड़ने की व्यवस्था
बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, विश्वविद्यालयों और समुदाय-आधारित संगठनों से प्राप्त 15 प्रस्तावों की समीक्षा की। इन प्रस्तावों में तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण आदि से जुड़े विषय शामिल थे। संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
सशक्त समिति ने परियोजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन और मजबूत निगरानी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
PM VIKAS योजना के अंतर्गत इस तरह की बैठकें नीति और क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे अल्पसंख्यक समुदायों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित किया जा सके।

