֍:”सबसे उपजाऊ जमीन भारत की है”§ֆ:हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व में सबसे उपजाऊ जमीन भारत की है. यही वजह है कि आज भारत और हरियाणा के किसान अच्छी पैदावार ले रहे हैं. कृषि क्षेत्र मजबूत और बड़ा है. तभी कृषि को उत्तम माना गया है. कोरोना काल में सब काम बंद हो गया था लेकिन मात्र कृषि क्षेत्र ही ऐसा क्षेत्र था, जो चल रहा था. हम जब तक खेती-किसानी को पहले स्थान पर नहीं रखेंगे, तब तक बेरोजगारी दूर नहीं हो सकती. हमारी खेती पहले स्थान पर रहे, इसके लिए हमें प्रयास करना चाहिए. हरियाणा में खेती के क्षेत्र में बहुत अवसर है.§֍:मिलेट्स को लेकर कही ये बात§ֆ:राज्य कृषि मंत्री ने मिलेट्स की ओर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि हमें मोटे अनाज को बढ़ावा देना चाहिए. यह अनाज हमारे लिए गेहूं से ज्यादा फायदेमंद है. गेहूं और धान की परंपरागत खेती करने से किसानों को मुनाफा नहीं हो रहा है, साथ ही प्राकृतिक संसाधनों का अधिक दोहन हो रहा है. इसी के चलते देश-प्रदेश में पानी की गंभीर समस्या दिखाई देने लगी है. इसके अलावा गेहूं और धान की खेती से मानव गंभीर बीमारियों की चपेट में आने लगा है. §֍:कैसे रखा गया विश्वविद्यालय का नाम?§ֆ:उन्होंने कहा कि बागवानी विश्वविद्यालय का नाम वीर शिरोणमि महाराणा प्रताप कैसे पड़ा, इस बारे में कृषि मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी के नाम का प्रपोजल खुद उन्होंने दी थी. जिस पर बागवानी विश्वविद्यालय का नाम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप रखा गया क्योंकि महाराणा प्रताप प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे, उनका नाम देश में ही नहीं बल्कि विश्वभर में बड़े आदर के साथ लिया जाता है. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एमएचयू देश ही नहीं पूरे विश्व में मॉडल यूनिवर्सिटी बनकर उभरे. इसके लिए हर संभव सहायता हरियाणा सरकार एमएचयू को प्रदान करेगी. §हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय कैंपस के शिलान्यास की जानकारी दी है. उन्होंने इसी जानकारी देते हुए कहा कि 9 दिसंबर, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करनाल के महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस का शिलान्यास करेंगे. कृषि मंत्री गुरुवार को करनाल के महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे.

