֍:क्या होगा कार्यक्रम में खास?§ֆ:इस सम्मेलन का विषय “स्थायी कृषि-खाद्य प्रणालियों की ओर परिवर्तन” होने वाला है. जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन ने निपटने और उनके उपायों पर चर्चा करना है. साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के बढ़ते इस्तेमाल, खेती में अधिक उत्पादन हासिल करने के लिए बढ़ती हुई लागत और उत्पादन बढ़ाने के लिए संघर्ष को बढ़ावा देना है. §֍:75 देशों से शामिल होने भारत आएंगे प्रतिनिधि§ֆ:भारत में होने वाला आईसीएई 2024 कृषि क्षेत्र में शोधकर्ताओं और बेहतरीन पेशेवरों के लिए अपने काम को दुनिया के सामने लाने का मौका देता है. इस के साथ ये सम्मेलन दुनिया भर में नेटवर्क बनाने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तरों पर नीति निर्माण को प्रभावित करना और डिजिटल कृषि और टिकाऊ कृषि-खाद्य प्रणालियों में प्रगति सहित भारत की कृषि प्रगति को प्रदर्शित करना है. सम्मेलन में लगभग 75 देशों के लगभग 1,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे.§नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि अर्थशास्त्रियों के 32वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अगस्त को सुबह करीब 9:30 बजे पहुंच जाएंगे. इस अवसर पर पीएम मोदी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. बता दें कि इस कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्री संघ की ओर से आयोजित कराया जा रहा है. कार्यक्रम 2-7 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा. ये कार्यक्रम 65 साल बाद भारत में आयोजित किया जा रहा है.

