֍:भारत में सातवां बागवानी विश्वविद्यालय§ֆ:पूरे भारत में यह विश्विद्यालय सातवां बागवानी विश्वविद्यालय है, जो राज्य में बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए अनुसंधान, शिक्षण और विस्तार के लिए समर्पित है. इस विश्वविद्यालय से किसानों की आय बढ़ाने और राज्य के लिए रोजगार पैदा करने में काफी मदद होगी. विश्वविद्यालय बागवानी आधारित फसल विविधीकरण प्रणालियों के विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. §֍:इन कोर्स में करा सकेंगे आवेदन§ֆ:विश्वविद्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के किनारे करनाल के उचानी में 65 एकड़ भूमि पर बनेगा. मुख्य परिसर में शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन के अलावा छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, गेस्ट हाउस, खेल का मैदान, सभागार, एम्फीथिएटर आदि होंगे. डिग्री कार्यक्रमों की बात करें तो यहां बीएससी बागवानी, एमएससी और फल, सब्जी, फूलों की खेती और लैंडस्केप बागवानी में पीएचडी की शिक्षा दी जाएगी. §֍:इन महमानों की रही मौजूदगी§ֆ:विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह का सीधा प्रसारण एमएचयू करनाल के उचानी परिसर में डिजिटल स्क्रीन पर उपस्थित लोगों को दिखाया गया. कार्यक्रम में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति प्रोफेसर सुरेश कुमार मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य व्यक्ति, जनप्रतिनिधि, हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और आईसीएआर संस्थानों के निदेशक उपस्थित रहे. परिसर की आधारशिला भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री और बिजली मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर की उपस्थिति में रखी गई.§प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सोमवार को पानीपत से वर्चुअली महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर के निर्माण की आधारशिला रखी. इसमें कुल लागत 700 करोड़ रुपये है. इस परियोजना के लिए 421 करोड़ रुपये शामिल हैं. शिलान्यास बंडारू दत्तात्रेय, राज्यपाल, हरियाणा और कुलाधिपति, एमएचयू करनाल, निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री, मनोहर लाल, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री और बिजली मंत्री और कृष्ण पाल गुर्जर, सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थिति में हुआ. ऑनलाइन कार्यक्रम एमएचयू परिसर स्थल उचानी, करनाल में डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा, कुलपति, एमएचयू की अध्यक्षता में 500 से अधिक किसानों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया.

