आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की, जिसके तहत बिहार के 74 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। इस अवसर पर बिहार सरकार ने पटना के बापू सभागार में ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ का आयोजन किया, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में राज्य के 38 जिलों से 5,000 से अधिक किसानों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों और मंत्रियों ने भाग लिया।
क्या हुआ कार्यक्रम में?
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कृषि उपलब्धियों का प्रदर्शन: राज्य सरकार ने कृषि रोड मैप, फसल विविधीकरण, जल-जीवन-हरियाली, कृषि यांत्रीकरण और ग्रामीण पथ निर्माण जैसे योजनाओं की प्रगति को प्रदर्शित किया।
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मखाना बोर्ड का प्रस्ताव: बिहार सरकार ने मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष बोर्ड के गठन की योजना का उल्लेख किया।
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किसानों से संवाद: शिवराज सिंह चौहान ने प्रगतिशील किसानों के साथ बातचीत की और आईसीएआर पूर्वी अनुसंधान परिसर का दौरा किया।
कौन-कौन शामिल हुआ?
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मुख्य अतिथि: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान।
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बिहार सरकार के मंत्री: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कृषि मंत्री विजय सिन्हा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, और पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु देवी।
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अन्य प्रतिभागी: कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, कृषक मित्र और विभिन्न जिलों के किसान।
पीएम किसान सम्मान निधि का प्रभाव
इस योजना के तहत अब तक देशभर में 3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। बिहार में इसका विशेष लाभ मिला है, जहाँ छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही है।
शिवराज सिंह चौहान का कार्यक्रम
केंद्रीय मंत्री ने पटना में 9 घंटे बिताए, जिसमें उन्होंने कृषि अनुसंधान केंद्रों का दौरा किया और किसानों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।यह आयोजन चुनावी वर्ष में सरकार की किसान-हितैषी नीतियों को उजागर करने का एक प्रयास था, जिसमें कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।

