खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के अंतर्गत देशभर में 1,133 परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं, जिनका सीधा लाभ 34,15,102 किसानों को मिला है।
उन्होंने बताया कि 30 जून 2025 तक, देशभर में कुल 1,601 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण अवसंरचना के विकास से लेकर खेत से बाजार तक की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के प्रयास शामिल हैं। योजना का उद्देश्य कृषकों को बेहतर मूल्य दिलाना, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, और देश में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को ऊंचा उठाना है।
PMKSY: खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की समेकित योजना है, जिसके तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, मेगा फूड पार्क्स, कोल्ड चेन, फूड टेस्टिंग लैब्स, और अनुसंधान व मानव संसाधन विकास से जुड़ी परियोजनाओं को सहायता दी जाती है।
इन परियोजनाओं के माध्यम से देश में 255.66 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की प्रोसेसिंग और संरक्षण क्षमता तैयार की गई है, जिससे 433,639 लोगों को रोजगार मिला है।
राज्यवार प्रदर्शन (कुछ प्रमुख राज्य):
- महाराष्ट्र में 245 परियोजनाएं स्वीकृत, 175 पूरी – 43 लाख किसान लाभान्वित
- तमिलनाडु में 145 परियोजनाएं स्वीकृत, 107 पूरी – 42 लाख किसान लाभान्वित
- उत्तराखंड में 50 परियोजनाएं पूरी – 02 लाख किसान लाभान्वित
- गुजरात में 107 में से 87 परियोजनाएं पूरी – 85 लाख किसान लाभान्वित
- पंजाब में 61 परियोजनाएं पूरी – 13 लाख किसान लाभान्वित
- उत्तर प्रदेश में 73 परियोजनाएं पूरी – 14 लाख किसान लाभान्वित
- तेलंगाना, कर्नाटक, हरियाणा, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने भी उल्लेखनीय प्रगति की है।
नियमित निगरानी और राज्य सरकारों से समन्वय
परियोजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसियों (PMA) के माध्यम से निगरानी की जाती है। साथ ही मंत्रालय की ओर से स्थलीय निरीक्षण भी किया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के साथ समन्वय कर कार्यान्वयन को प्रभावी बनाया जाता है।
PMKSY के अंतर्गत दी जा रही वित्तीय सहायता अनुदान (Grant-in-Aid) के रूप में प्रदान की जाती है, ताकि उद्यमी, संस्थाएं और उद्योगपति खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाएं स्थापित कर सकें और किसानों के उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके।
PMKSY: आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सशक्त कदम
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने वाली यह योजना कृषक कल्याण, ग्रामीण रोजगार और कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है। योजना के सफल क्रियान्वयन से भारत के कृषि उत्पादों के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

