सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बिजली दरों में वृद्धि को मंजूरी देते हुए महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं। अदालत ने कहा कि यह बढ़ोतरी वाजिब (Reasonable) और किफायती (Affordable) होनी चाहिए तथा दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) द्वारा तय सीमाओं से अधिक नहीं हो सकती।
नियामक परिसंपत्तियों का निपटान
यह फैसला बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के अटके भुगतानों से जुड़े वर्षों पुराने मामले में आया है। कोर्ट ने सभी लंबित नियामक परिसंपत्तियों (Regulatory assets) को चार साल के भीतर समाप्त करने का निर्देश दिया है। नियामक परिसंपत्तियां वो बकाया राशि है जो डिस्कॉम को बिजली आपूर्ति के लिए देय होती है ।
दिल्ली के लिए रोडमैप
सुप्रीम कोर्ट ने DERC को निर्देश दिया कि वह एक रोडमैप तैयार करे जिसमें स्पष्ट हो कि राजधानी में बिजली दरें कैसे, कब और कितनी बढ़ाई जानी चाहिए। यह बढ़ोतरी सभी प्रकार के उपभोक्ताओं – व्यक्तिगत, आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक – पर लागू होगी ।
पहले से चल रही वृद्धि की प्रक्रिया
इस फैसले से पहले ही दिल्ली में बिजली दरों में वृद्धि की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। DERC ने मई-जून 2025 के लिए पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) में वृद्धि की मंजूरी दी थी, जिससे बिजली बिलों में 7-10% की बढ़ोतरी हुई 258। PPAC दरें अलग-अलग डिस्कॉम के लिए अलग-अलग हैं:
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बीआरपीएल (BRPL): 7.25%
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बीवाईपीएल (BYPL): 8.11%
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टीपीडीडीएल (TPDDL): 10.47% 28
राजनीतिक प्रतिक्रिया
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पिछली AAP सरकार ने डिस्कॉम पर 27,000 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा था और कंपनियों को इसकी वसूली के लिए दरें बढ़ाने का अधिकार है । वहीं, कुछ निवासी संगठनों ने PPAC वृद्धि को “मनमाना” बताते हुए आलोचना की है।
क्या पड़ेगा देशव्यापी प्रभाव
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर दिल्ली के साथ-साथ अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा जहां नियामक परिसंपत्तियां लंबित हैं। अगले चार वर्षों में इन राज्यों में भी बिजली दरों में वृद्धि देखने को मिल सकती है ।
उपभोक्ताओं पर प्रभाव
बिजली दरों में यह वृद्धि उपभोक्ताओं के बिलों को प्रभावित करेगी, विशेषकर उन्हें जो 400 यूनिट से अधिक बिजली का उपयोग करते हैं। 200 यूनिट तक के उपभोक्ताओं को सब्सिडी के कारण राहत मिलेगी, लेकिन 400-1200 यूनिट के बीच खपत करने वालों को 200-300 रुपये अतिरिक्त और 1200+ यूनिट वालों को प्रति यूनिट 11 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है।

