लंदन में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम 2025 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारत की रणनीतिक आर्थिक दृष्टि को जोरदार तरीके से प्रस्तुत किया। यह दौरा भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मई 2025 में हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद खास महत्व रखता है।
मुख्य सत्र “एग्रीमेंट से एक्शन की ओर: भारत–यूके एफटीए” में बोलते हुए श्री गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों लोकतंत्रों की साझा आकांक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत इस समझौते को केवल एक कागजी दस्तावेज के रूप में नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी आर्थिक साझेदारी के रूप में देखता है।
उन्होंने एफटीए के क्रियान्वयन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया, जिसमें संस्थागत तंत्र को मजबूत करना, स्टार्टअप्स और लघु उद्यमों को लाभ पहुंचाना, और कुशल पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाना शामिल है।इस सत्र में यूके के बिजनेस एंड ट्रेड सेक्रेटरी श्री जोनाथन रेनॉल्ड्स भी शामिल हुए, जबकि संचालन अंतरराष्ट्रीय पत्रकार श्री मार्क बार्टन ने किया।
इसी दिन श्री गोयल ने लंदन के साइंस म्यूज़ियम में “यूके–भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार सहयोग” विषय पर आयोजित विशेष सत्र में भाग लिया। उन्होंने यूके को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित तकनीकों और मेक इन इंडिया जैसी पहलों में सहयोग के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने बताया कि एफटीए के जरिए दोनों देश रक्षा उत्पादन, उन्नत निर्माण, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। भारत के नवाचार जैसे UPI और CoWIN को वैश्विक स्तर पर अपनाने की दिशा में भी यह सहयोग अहम भूमिका निभाएगा।
गोयल ने कहा कि भारत डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में तेजी से काम कर रहा है और यह साझेदारी दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगी।भारत की ओर से यह भागीदारी वैश्विक मंचों पर देश की मजबूत स्थिति और साझेदारी को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

