ֆ:कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के लिए इस वर्ष 3,497 छात्रों ने आवेदन किया, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 2,629 थी। बी.एससी. फैशन डिजाइनिंग कार्यक्रम में इस बार 77 आवेदन प्राप्त हुए, जो कि पिछले वर्ष के 45 आवेदनों से कहीं अधिक हैं। इसी प्रकार, बल्लोवाल सौंखड़ी एंट्रेंस टेस्ट (BSET) में भी जबरदस्त उत्साह देखा गया, जहां 667 छात्रों ने आवेदन किया, जबकि 2024-25 में यह संख्या 430 थी।§ֆ:कक्षा 10 के बाद आयोजित एग्रीकल्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (AAT), जो छह वर्षीय बी.एससी. (ऑनर्स) एग्रीकल्चर कार्यक्रम के लिए होता है, में 849 आवेदन प्राप्त हुए, जो कि पिछले वर्ष की 668 की तुलना में एक स्पष्ट वृद्धि है।स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में भी छात्रों की गहरी रुचि देखने को मिली है। फूड एंड न्यूट्रिशन, एमबीए (एग्री-बिजनेस), जनसंचार, वानिकी, सब्जी विज्ञान, मृदा विज्ञान, पादप रोगविज्ञान, पादप प्रजनन, खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी, कीट विज्ञान, कृषि प्रसार शिक्षा और कृषि मौसम विज्ञान/एग्रोनॉमी जैसे विषयों में उपलब्ध सीटों से दो गुना अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो हाल के वर्षों में एक अभूतपूर्व प्रतिक्रिया है।§ֆ:पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह वृद्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण, बेहतर प्लेसमेंट अवसरों और ग्रामीण भारत से गहरे जुड़ाव का परिणाम है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में आवेदन संख्या में गिरावट कोविड-19 और विदेशी शिक्षा विशेषकर कनाडा की ओर आकर्षण के चलते हुई थी, लेकिन अब छात्र और अभिभावक पीएयू की शिक्षा को एक उद्देश्यपूर्ण करियर के लिए मूल्यवान मानने लगे हैं।§ֆ:पीएयू के रजिस्ट्रार डॉ. ऋषि पाल सिंह (आईएएस) ने कहा कि विभिन्न विषयों में बढ़ती रुचि यह दर्शाती है कि विश्वविद्यालय आज की बदलती दुनिया में प्रासंगिक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रवेश प्रक्रियाओं का अद्यतन, डिजिटल पहुंच में वृद्धि और आउटरीच कार्यक्रमों ने विश्वविद्यालय को अधिक छात्र-अनुकूल बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि अनुभवात्मक शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक सहभागिता पर जोर देने के कारण ऐसे युवा आकर्षित हो रहे हैं जो समाज में परिवर्तन लाना चाहते हैं।§ֆ:यह बढ़ती रुचि पीएयू की प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है और यह संकेत है कि विश्वविद्यालय देश के अग्रणी कृषि एवं संबद्ध शिक्षा संस्थानों में से एक के रूप में अपनी प्रासंगिकता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को बनाए रखे हुए है।§पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) कार्यक्रमों में आवेदनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय को इस वर्ष 6,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। यह बढ़ती संख्या न केवल पंजाब बल्कि भारत के अन्य राज्यों के छात्रों के बीच पीएयू की लोकप्रियता और भरोसे को दर्शाती है।

