ֆ:कॉलेज के डीन और पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष डॉ. चरणजीत सिंह औलख ने प्रतिभागियों को उनके भविष्य के प्रयासों में बड़ी सफलता की कामना की और उनसे कहा कि वे जिस भी क्षेत्र में जाएं, अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहें। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराए बिना अपने करियर में नई पहल करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र संघ द्वारा इस तरह की यह पहली पहल है। उन्होंने कहा कि संघ पूर्व छात्रों के कल्याण के लिए इस तरह के पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण/व्याख्यान आयोजित करता रहेगा।कॉलेज के विभिन्न विभागों-कृषि विज्ञान, पादप प्रजनन एवं आनुवंशिकी, कीट विज्ञान, पादप रोग विज्ञान, मृदा विज्ञान, जलवायु परिवर्तन एवं कृषि मौसम विज्ञान, विस्तार शिक्षा, जैविक खेती विद्यालय एवं कृषि जैव प्रौद्योगिकी विद्यालय के अनेक शिक्षकों ने स्वेच्छा से लगभग 54 व्याख्यान दिए, जिनमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के सभी बुनियादी पहलुओं को शामिल किया गया।
§ֆ:कोर्स समन्वयक डॉ. एस.के. ढिल्लों ने बताया कि अभ्यर्थियों ने रिफ्रेशर कोर्स में काफी रुचि दिखाई, जिसमें समसामयिक मामलों, तर्कशक्ति, संख्यात्मक क्षमता, मानसिक क्षमता आदि जैसे अन्य पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।कोर्स सह-समन्वयक डॉ. पंकज कुमार एवं डॉ. रंजीत सिंह ने प्रतिभागियों को सर्वोत्तम शिक्षण वातावरण प्रदान करने के लिए कड़ी मेहनत की और इस कोर्स को सफल बनाया। अभ्यर्थियों ने अपने फीडबैक में रिफ्रेशर कोर्स से बहुत संतुष्टि जताई और कहा कि इससे उन्हें बहुत मदद मिलेगी। आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास भविष्य में भी जारी रहने चाहिए।
§पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कृषि महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ ने कृषि स्नातक उत्तीर्णों के लिए कृषि के विभिन्न पहलुओं पर अपने ज्ञान को अद्यतन करने के लिए 12 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किया। इस कोर्स में कुल 349 उम्मीदवारों ने भाग लिया। पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और स्नातकों से जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने उनसे पंजाब में कृषि के लिए मौजूदा चुनौतियों जैसे भूजल में कमी, फसल अवशेषों को जलाना, मृदा स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे आदि से निपटने का भी आग्रह किया, ताकि राज्य के कृषक समुदाय का कल्याण हो सके और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को बनाए रखा जा सके।

