भारतीय कृषि अभियांत्रिकी परिषद (ICAR) के उप महानिदेशक (कृषि अभियांत्रिकी) और इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियर्स (ISAE) के अध्यक्ष डॉ. एस.एन. झा ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (COAET) का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ एक अहम विचार-विमर्श किया जिसमें पंजाब में कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र को संस्थागत मजबूती देने पर विशेष जोर दिया गया।
डॉ. झा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने में कृषि अभियांत्रिकी की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यंत्रीकरण, ऊर्जा दक्षता, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, और जलवायु-संवेदनशील तकनीकों के माध्यम से कृषि प्रणाली को सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे मांग आधारित अनुसंधान, कौशल-आधारित प्रशिक्षण और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अंतरविषयक नवाचारों में सक्रिय भागीदारी करें।
बैठक की प्रमुख उपलब्धि के रूप में डॉ. झा ने पंजाब में कृषि अभियांत्रिकी निदेशालय (Directorate of Agricultural Engineering) की स्थापना के प्रस्ताव को रखा, जो कि केंद्र सरकार के हालिया दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में पंजाब में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और राज्य के मुख्य सचिव ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र भेजा है। इस प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों से बातचीत चल रही है और जल्द ही इस निदेशालय की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। यह निदेशालय राज्य में कृषि अभियांत्रिकी से जुड़ी सभी योजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और समन्वय का केन्द्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।
डॉ. झा ने पीएयू और सीओएईटी द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और आश्वस्त किया कि ICAR, पंजाब में कृषि अभियांत्रिकी शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों को मजबूत करने के लिए निरंतर सहयोग करता रहेगा।
महाविद्यालय के डीन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि कॉलेज स्तर पर निदेशालय की स्थापना को लेकर पहले से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समिति का गठन किया जाएगा जो इस महत्त्वपूर्ण विषय पर राज्य सरकार के साथ संवाद बनाए रखेगी और कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी।
सीओएईटी के संकाय सदस्यों ने भी बैठक में हिस्सा लेते हुए निदेशालय की आवश्यकता, अपने योगदान और भविष्य की योजना पर प्रकाश डाला। सभी का मत था कि यह निदेशालय किसानों तक कृषि तकनीकों को पहुंचाने, सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में तकनीकी विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियर्स के पंजाब चैप्टर के चेयरमैन डॉ. राकेश शारदा ने अपने विचार साझा किए और आभार प्रस्ताव रखा।
कार्यक्रम का संचालन संयुक्त सचिव एवं कोषाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार गुप्ता ने किया। बैठक का समापन एक सकारात्मक माहौल में हुआ, जिसमें पंजाब में कृषि अभियांत्रिकी को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता जताई गई।

