ֆ:कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस की डीन डॉ. किरण बैन्स ने कहा कि अनुसंधान और विज्ञान का मुख्य उद्देश्य समुदाय की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शोध कार्य केवल कागज़ों या प्रयोगशालाओं तक सीमित न रह जाए, बल्कि इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।§ֆ:समापन सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. एम.एस. भुल्लर, निदेशक, विस्तार शिक्षा ने अपने संबोधन में कहा कि शोध कार्यों को अकादमिक जगत से बाहर निकाल कर आम लोगों तक पहुंचाना समय की मांग है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी हस्तक्षेप किए जाएं तो यह लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। कॉलेज के विभिन्न विभागों के वक्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी और बताया कि किस तरह से एक्सटेंशन विशेषज्ञों के सहयोग से इन तकनीकों को समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।§ֆ:कार्यशाला की समन्वयक डॉ. प्रीति शर्मा और डॉ. सुखदीप कौर ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे इस ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि प्रौद्योगिकियों का लाभ वास्तविक उपयोगकर्ताओं तक पहुंच सके। कार्यशाला में प्रतिभागियों की ओर से डॉ. परविंदर कौर, प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र, मोगा ने फीडबैक साझा किया और आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला उनके वार्षिक कार्य योजनाओं के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।§पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय के विस्तार शिक्षा एवं संचार प्रबंधन विभाग द्वारा निदेशालय विस्तार शिक्षा के सहयोग से दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सामुदायिक विज्ञान से जुड़ी प्रौद्योगिकियों के प्रसार पर केंद्रित रही। पंजाब के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) में कार्यरत गृह वैज्ञानिकों ने इसमें भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान और उसके क्षेत्रीय उपयोग के बीच की दूरी को पाटना था।

