पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के तत्वावधान में गांव बोपाराय कलां, ब्लॉक सुधार में श्रम को कम करने वाले आधुनिक कृषि औजारों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम “अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना – महिला कृषि (AICRP-WIA)” के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 16 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
इस कार्यक्रम का आयोजन पीएयू के संसाधन प्रबंधन एवं उपभोक्ता विज्ञान विभाग की वैज्ञानिक डॉ. शिवानी राणा की देखरेख में हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, विशेषकर महिला किसानों को श्रम-बचत तकनीकों से अवगत कराना, खेतों में मेहनत को कम करना और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के दौरान जिन औजारों का वितरण किया गया, उनमें मजबूत प्लास्टिक हैंडल वाले खुरपे, स्टील बाल्टियां, फलों और सब्जियों के परिवहन के लिए प्लास्टिक की क्रेटें, फसल सुखाने और भंडारण के लिए तिरपाल की चादरें, धान की निराई के लिए मंडवा वीडर, सिंचाई के लिए गार्डन पाइप और तेज धार वाले हंसिए शामिल थे।
डॉ. शिवानी राणा ने बताया कि ऐसे औजारों से खेतिहर महिलाओं का शारीरिक श्रम कम होता है और काम की गति व गुणवत्ता में सुधार आता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाने से न केवल समय और मेहनत की बचत होती है, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और आय में भी वृद्धि संभव होती है।
इस मौके पर यंग प्रोफेशनल-II डॉ. शिखा ने भी कार्यक्रम में सहयोग दिया और प्रतिभागियों को इन औजारों के प्रयोग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया। यह पहल न केवल किसानों की कार्यशैली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि कार्यों में उनकी भागीदारी को प्रभावी रूप से बढ़ाने का प्रयास भी है। ग्रामीण समुदाय ने PAU की इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक बदलाव बताया।

