पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना के कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री (COHF) के 13 मेधावी छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इन छात्रों का चयन विश्व के प्रमुख देशों अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए हुआ है। इनमें से 9 छात्र पहले बैच (2019-2023) से हैं, जबकि 4 छात्र दूसरे बैच से हैं, जो बीएससी (ऑनर्स) हॉर्टिकल्चर की चार वर्षीय डिग्री कार्यक्रम से संबंधित हैं।
कॉलेज का परिचय और उद्देश्य
कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री की स्थापना 2018 में पीएयू के अंतर्गत की गई थी, और इसका उद्देश्य बागवानी व वानिकी शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। पहला बैच 2019 में दाखिल हुआ और 2023 में उत्तीर्ण हुआ।
कॉलेज के अंतर्गत कुल चार विभाग संचालित हैं:
- फल विज्ञान विभाग
- सब्जी विज्ञान विभाग
- फूल विज्ञान एवं परिदृश्य सज्जा विभाग
- वन और प्राकृतिक संसाधन विभाग
इन्हीं विभागों के समर्पित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण ने छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में सफल होने के लिए तैयार किया।
कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल की सराहना
पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने इन छात्रों की उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि इतने कम समय में यह कॉलेज न केवल उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम दे रहा है, बल्कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी छात्रों की भागीदारी सराहनीय रही है। यह उपलब्धि कॉलेज की गुणवत्ता, समर्पण और शिक्षकों की मेहनत को दर्शाती है।
उन्होंने कहा:
“कॉलेज की स्थापना को केवल कुछ ही वर्ष हुए हैं, और इतने कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों का चयन होना इस बात का प्रमाण है कि यह संस्थान भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छूएगा।”
डीन डॉ. एम.आई.एस. गिल की शुभकामनाएं
कॉलेज के डीन डॉ. एम.आई.एस. गिल ने भी सभी छात्रों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा:
“यह केवल छात्रों की मेहनत ही नहीं बल्कि शिक्षकों और पूरे कॉलेज परिवार की टीम भावना और सकारात्मक कार्य संस्कृति का नतीजा है। आशा है कि ये छात्र विदेशों में भी अपनी मेहनत और प्रतिभा से भारत और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच बना रहे हैं पीएयू छात्र
PAU के हॉर्टिकल्चर कॉलेज की यह उपलब्धि इस बात का प्रतीक है कि भारत की कृषि शिक्षा अब वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ रही है। यह उपलब्धि न केवल छात्रों के लिए गर्व की बात है, बल्कि राज्य और देश के लिए भी प्रेरणास्पद है।

