ֆ:यह सम्मान डॉ. छुनेजा को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया। यह कार्यक्रम किसान विकास चेंबर, पंजाब द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने “गेस्ट ऑफ ऑनर” के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम में देशभर से आए किसानों, मधुमक्खी पालकों, कृषि अधिकारियों और विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।§ֆ:डॉ. छुनेजा के पास मधुमक्खी पालन में 39 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वे ICAR-PAMC की सदस्य हैं और अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) ऑन हनी बीज़ के लिए कार्यरत हैं। वे बीआईएस की एपीयरी इंडस्ट्री सेक्शनल कमेटी के चेयरमैन हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईएसओ (ISO) में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे ISO, BIS, NAAS, ICAR जैसे संस्थानों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।§ֆ:PAU में रहते हुए वे कीट विज्ञान विभाग के प्रमुख भी रहे। उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा “डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर चेयर अवॉर्ड” और ICAR द्वारा प्रशंसा पत्र (Commendation Letter) प्राप्त हुआ है। 2023 में NAAS द्वारा आयोजित ब्रेन स्टॉर्मिंग कार्यशाला में उन्हें मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था।§ֆ:उन्होंने देशभर के 27 ICAR केंद्रों के अनुसंधान कार्य की समीक्षा की और ICAR की QRT टीम के सदस्य भी रहे। वे वर्तमान में एंटोमोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (उत्तर क्षेत्र) के अध्यक्ष हैं। इसके अतिरिक्त, नीओनिकोटिनोइड्स के प्रभाव पर बनी डॉ. अनुपम वर्मा समिति में भी वे भारत सरकार द्वारा नामित सदस्य रहे।§ֆ:उन्होंने भारत-अफ्रीका-अमेरिका त्रिपक्षीय सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत केन्या में मधुमक्खी पालन के विकास हेतु तकनीकी सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। अपने कार्यकाल में उन्होंने 12 शोध परियोजनाओं का संचालन किया, जिनमें ICAR की “टीम ऑफ एक्सीलेंस” और राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (NBB) द्वारा वित्तपोषित “इंटीग्रेटेड बीकीपिंग डेवलपमेंट सेंटर” जैसी प्रतिष्ठित परियोजनाएँ शामिल हैं।§ֆ:डॉ. छुनेजा ने 150 से अधिक शोध पत्र, 11 समीक्षात्मक लेख, 39 पुस्तक अध्याय, 208 विस्तार लेख, 3 पंजाबी पुस्तकें, 10 प्रशिक्षण पुस्तिकाएँ, और 3 प्रशिक्षण सीडी प्रकाशित की हैं। वे 2,000 से अधिक व्याख्यान, 80 से अधिक रेडियो/टीवी कार्यक्रम, 108 किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम, और 12 वैज्ञानिक प्रशिक्षण आयोजित कर चुके हैं।§ֆ:डॉ. छुनेजा को यह सम्मान मिलना न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि देश में मधुमक्खी पालन क्षेत्र को एक नई दिशा देने की उनकी अथक मेहनत का भी परिचायक है। PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने डॉ. छुनेजा को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।§۩:Uploads/NewsImages/24-05-2025/JTjwxK3wyxM4ayOneQPO.jpg|§पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के पूर्व प्रोफेसर और स्नातकोत्तर अध्ययन के डीन (सेवानिवृत्त) डॉ. प्रदीप कुमार छुनेजा को “एपिकल्चर (मधुमक्खी पालन) में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें हाल ही में मोहाली स्थित कलकत भवन में आयोजित विश्व मधुमक्खी दिवस के उद्घाटन समारोह के दौरान पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया द्वारा प्रदान किया गया।

