पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग (Department of Microbiology) ने हाल ही में गुरु नानक देव भवन, लुधियाना में एक विशेष “हर्बल गार्डन टीचर वर्कशॉप” का आयोजन किया, जिसमें 925 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य बायोएंजाइम, जैव उर्वरक, जल परीक्षण किट और साल भर मशरूम की खेती जैसी उन्नत जैव प्रौद्योगिकियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में विभाग की प्रमुख डॉ. (श्रीमती) उर्मिला गुप्ता, उनके सहयोगी शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया और उपस्थित प्रतिभागियों को PAU द्वारा विकसित तकनीकों के लाभों से अवगत कराया। विशेष रूप से बायोएंजाइम और जैविक उर्वरकों के पर्यावरण अनुकूल उपयोग, जल परीक्षण किटों की उपयोगिता तथा मशरूम उत्पादन को व्यावसायिक रूप देने की तकनीकों को विस्तार से समझाया गया।
वर्कशॉप के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न जैविक उत्पादों और तकनीकों की सराहना की।
इस पहल की सराहना करते हुए पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल, अनुसंधान निदेशक डॉ. अजमेर सिंह धत्त, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. मखन सिंह भुल्लर, और कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज की डीन डॉ. किरण बैन्स ने इसे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय कदम बताया।
यह वर्कशॉप शिक्षकों और विद्यार्थियों को जैविक कृषि पद्धतियों एवं नवाचारों से जोड़ने का एक प्रयास था, जिससे वे न केवल स्वयं लाभान्वित हों, बल्कि समाज में भी हरित एवं सतत विकास के संदेश को आगे बढ़ा सकें।

