• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home समाचार

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत पाम तेल प्रसंस्करण मिल को शुरू किया गया

Fiza by Fiza
March 15, 2024
in समाचार
0
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत पाम तेल प्रसंस्करण मिल को शुरू किया गया
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

ֆ:इससे पहले भारत सरकार ने अगस्त, 2021 में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) की शुरुआत की थी। यह मिशन ताड़ की खेती को बढ़ाने और साल 2025-26 तक कच्चे पाम तेल के उत्पादन को 11.20 लाख टन तक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। एनएमईओ-ओपी के तहत पाम ऑयल को बढ़ावा देने के लिए 11,040 रुपये के कुल राष्ट्रीय बजट में से विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए 5,870 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें केंद्र सरकार 90 फीसदी योगदान करेगी।ऑयल पाम मिशन को रणनीतिक रूप से नए भौगोलिक क्षेत्रों में ताड़ की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। इस सहायता में रोपण सामग्री में सहायता, निजी कंपनियों से सुनिश्चित बाय-बैक प्रतिबद्धताएं और जोखिमों से बचाव के लिए व्यवहार्यता अंतर मूल्य की पेशकश करके किसानों को वैश्विक मूल्य अस्थिरता से बचाना शामिल है।


§ֆ:खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि छह एनईआर राज्यों- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा में पाम ऑयल का उत्पादन का होता है। इन राज्यों में पाम ऑयल उत्पादन के लिए 8.4 लाख हेक्टेयर का एक विशाल संभावित क्षेत्र है, जो राष्ट्रीय क्षमता का 38 फीसदी है। अब तक क्षेत्र में 30 लाख से अधिक रोपण सामग्री की क्षमता वाली 30 से अधिक नर्सरी स्थापित की जा चुकी हैं।एनएमईओ-ओपी के तहत किसानों को रोपण सामग्री, प्रबंधन और एनईआर के किसानों के सामने आने वाली भूमि से संबंधित चुनौतियों (भूमि निकासी, हाफ-मून छत निर्माण, जैव-बाड़ लगाना) के समाधान के लिए प्रति हेक्टेयर 1,00,000 रुपये की विशेष सहायता दी जाती है। इसके अलावा यह मिशन किसानों को ताड़ की खेती में प्रयुक्त कटाई उपकरणों की खरीद के लिए 2,90,000 रुपये भी प्रदान कर रहा है।

§ֆ:भारत सरकार एनईआर के कठिन और दुर्गम इलाके को देखते हुए किसानों को सीपीओ मूल्य पर 2 फीसदी अंतर का भुगतान करेगी। वहीं, प्रोसेसरों को समान अवसर देने और उन्हें प्रेरित करने के लिए अन्य क्षेत्रों में सीपीओ मूल्य पर यह 2 फीसदी अंतर का भुगतान प्रोसेसरों को करना होगा। सरकार एनईआर के मामले इसका भुगतान करके उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है।इसके अलावा यह मिशन उत्तर पूर्वी क्षेत्र में फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना के लिए एनईआर में निवेश करने के लिए निजी कंपनियों को भी बढ़ावा दे रहा है, जहां इस क्षेत्र में तेल पाम प्रसंस्करण मिलों के लिए 5 करोड़ रुपये की विशेष सहायता आवंटित की गई है। वर्तमान में एनईआर क्षेत्र के तहत 10 नई तेल मिलों का निर्माण करने का प्रस्ताव है।यह दूरदर्शी पहल आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, किसानों को सशक्त बनाने और भारत में खाद्य तेल उत्पादन के लिए एक स्थायी और आत्मनिर्भर इकोसिस्टम के निर्माण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती है। एनएमईओ-ओपी खाद्य तेलों के महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारत के समर्पण का एक प्रमाण है।

§प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी अरुणाचल प्रदेश की यात्रा के दौरान खाद्य तेल उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से उत्तर-पूर्व क्षेत्र को ध्यान में रखकर संचालित किए गए एक विशेष अभियान मिशन पाम ऑयल का उल्लेख किया। उन्होंने इस मिशन के तहत पहली तेल मिल का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “मिशन पाम ऑयल भारत को खाद्य तेल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा और किसानों की आय में बढ़ोतरी करेगा।” उन्होंने ताड़ (पाम) की खेती करने के लिए किसानों का आभार व्यक्त किया।

Previous Post

रांची में देश की 5वीं व पूर्वी भारत की पहली अत्याधुनिक हनी टेस्टिगं लैब का शिलान्यास

Next Post

एनएचपीसी ने अपने कर्मचारियों के लिए हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया

Next Post
एनएचपीसी ने अपने कर्मचारियों के लिए हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया

एनएचपीसी ने अपने कर्मचारियों के लिए हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया

Fasalkranti

Fasal Kranti is a premier monthly agricultural magazine which publish in Hindi, Punjabi, Marathi and Gujarati languages, dedicated to Indian farmers. Fasal Kranti aims to be a premier monthly agricultural magazine in Hindi dedicated to Indian farmers of the 21st century. 

Category

  • कृषि समाचार
  • साक्षात्कार
  • सफ़लता की कहानी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Contact us

  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.