֍:क्या होंगी सुविधाएं?§ֆ:नई समितियों से किसानों और ग्रामीणों को सभी सरकरी सेवाओं और योजनाओं में लाभ मिलेगा. अभी पैक्स के माध्यम से 24 तरह की सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं. गृह मंत्री ने किसानों को KCC और माइक्रो ATM भी सौंपे. 19 सितंबर तक 10,000 PACS का रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया. नए मॉडल कानून मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अब तक 11,695 PACS को नए मॉडल कानूनों के तहत रजिस्टर्ड किया गया है, जो इन सहकारी समितियों को अपने मुख्य शक्ति क्षेत्र से परे कई अन्य क्षेत्रों में नेविगेट करने की अनुमति देता है. §֍:गृह मंत्री ने कही ये बात§ֆ:गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह पहल दो चरणों में शुरू की जाएगी, जिसमें नाबार्ड 32,750 नए मल्टीपरपज पैक्स बनाएगा, जबकि NDDB पहले चरण में 56,500 डेयरी सहकारी समितियां और एनएफडीबी 6,000 मत्स्य सहकारी समितियां बनाएगा, दूसरे चरण में नाबार्ड 45,000 मल्टीपरपज पैक्स बनाएगा.§֍:महिला सशक्तिकरण§ֆ:उन्होंने महिलाओं को सशक्त करने पर कहा कि सहकारिता क्षेत्र भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के वित्तीय समावेशन, ग्रामीण कृषि और कुटीर उद्योग के विकास, रोजगार सृजन और नारी और सामाजिक मजबूती का मुख्य जरिया है.§केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को 10,000 नई समितियों का उद्घाटन किया. इससे किसानों को बाजारों तक पहुंच आसान हो सके, जो 200,000 ऐसे ग्रामीण उद्यम बनाने की सरकार की योजना का हिस्सा है. PACS के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि हमने पांच साल में 2 लाख PACS बनाने का लक्ष्य रखा है. मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम उन्हें पांच साल से पहले 2 साल में बना देंगे.

