֍:क्या है किसान पहचान पत्र?§ֆ:इस डिजिटल आईडी का उद्देश्य किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ आसान और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत नकद लाभ अंतरण को भी इन डिजिटल आईडी से जोड़ा जा रहा है।§֍:प्रमुख राज्य जहां सबसे अधिक आईडी जारी किए गए:§ֆ:• उत्तर प्रदेश: 1.3 करोड़
• महाराष्ट्र: 99 लाख
• मध्य प्रदेश: 83 लाख
• आंध्र प्रदेश: 45 लाख
• राजस्थान: 75 लाख
• गुजरात: 44 लाख
• तमिलनाडु: 30 लाख
अन्य राज्य जैसे बिहार, ओडिशा, असम, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना आदि भी इस योजना में प्रगति कर रहे हैं।
§֍:डिजिटल पहचान से होंगे कई फायदे:§ֆ:• फसल बीमा और कृषि ऋण में तेजी और पारदर्शिता आएगी
• प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लाभार्थियों की पहचान सटीक होगी
• भूमिहीन, पट्टेदार और किरायेदार किसानों को भी शामिल करने की व्यवस्था राज्यों के विवेक पर आधारित होगी
§֍:डिजिटल कृषि मिशन और AgriStack:§ֆ:₹2,817 करोड़ के डिजिटल कृषि मिशन के तहत केंद्र सरकार AgriStack जैसी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तैयार कर रही है। इसके अंतर्गत तीन प्रमुख डिजिटल रजिस्ट्रियाँ बनाई जा रही हैं:
1. भू-संदर्भित ग्राम मानचित्र
2. फसल बुवाई रजिस्टर
3. किसान रजिस्टर
§ֆ:खरीफ 2025 से देशभर में डिजिटल फसल सर्वेक्षण की शुरुआत भी हो चुकी है, जिससे डेटा आधारित कृषि नीति बनाना संभव होगा।कृषि मंत्रालय ने राज्यों से आग्रह किया है कि वे भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण तेज करें और नए लाभार्थियों के नाम अपडेट करें ताकि सटीक और पारदर्शी किसान डेटाबेस तैयार किया जा सके।§केंद्र सरकार की डिजिटल कृषि पहल के अंतर्गत, अब तक 14 राज्यों के 6.1 करोड़ किसानों को उनके भूमि रिकॉर्ड से जुड़े डिजिटल आईडी (किसान पहचान पत्र) प्रदान किए गए हैं। यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2026-27 तक 11 करोड़ किसानों को यह डिजिटल पहचान पत्र प्रदान किए जाएं, जिसमें किसानों की भूमि जोत, फसलों की जानकारी और अन्य कृषि संबंधी विवरण शामिल होंगे।

