֍:ऑपरेशन अफीम की शुरुआत§ֆ:आईजी अखिलेश झा के साथ जिले के एसपी और एसडीएम सहित पुलिस प्रशासन का पूरा महकमा इस काम में लग गया. इसे ऑपरेशन अफीम का नाम दिया गया है. ऑपरेशन अफीम की शुरुआत होने के बाद गुरुवार से लगातार 12 दिनों तक ऐसे ही कार्रवाई जारी रहेगी. जिले में अफीम नष्ट करने के लिए राज्य से 900 अतिरिक्त बल भेजा गया है. वहीं जवानों की संख्या और बढ़ाई जाएगी.§֍:अफीम के खिलाफ पुलिस कार्रवाई§ֆ:दिसंबर से अफीम विनष्टीकरण और जनजागरुकता अभियान चल रहा है. इसके बावजूद अभी भी हजारों एकड़ में अफीम के पौधे लहलहा रहे हैं. कुछ में फूल और फल आ गए और किसान चीरा लगा कर अफीम निकालना शुरू भी कर दिए हैं. पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन पहले तक विनष्टीकरण का जो आंकड़ा दिया गया है उसमें 3611 एकड़ में लगी फसल को पुलिस ने नष्ट किया है. 500 एकड़ में लगे अफीम को ग्रामीण खुद से नष्ट कर चुके हैं. अब तक 34 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और अफीम नष्ट किए गए जमीन मालिकों को चिन्हित करने का काम चल रहा है.§֍:ड्रोन-ट्रैक्टर के साथ खेत पहुंची पुलिस§ֆ:आईजी अखिलेश झा ने कहा कि अफीम की खेती के खिलाफ पुलिस लगातार जनजागरुकता और विनष्टीकरण के साथ गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है. उसके बावजूद लोग नहीं समझ रहे हैं. आज से बृहद पैमाने पर कार्रवाई शुरू की गई है. ड्रोन और ट्रैक्टर के साथ भारी संख्या में पुलिस बल को इस अभियान में लगाया गया है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सरकार और पुलिस का प्रयास है कि अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाए. जो लोग इससे जुड़े हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी. उन्होंने अपील की है कि लोग अफीम की खेती छोड़ अन्य वैकल्पिक खेती करें, सरकार मदद करने को तैयार है.(अरविंद सिंह की रिपोर्ट)§झारखंड के खूंटी जिले का नाम पिछले दो दशकों से नक्सलवाद, उग्रवाद और विवादित पत्थलगड़ी के नाम पर देश भर में चर्चा होती थी. अब न नक्सलवाद है न उग्रवाद और न ही पत्थलगड़ी. अब उससे भी खतरनाक अफीम की खेती को लेकर यह जिला फिर से सुर्खियों में है. राज्य के डीजीपी और गृह सचिव जहां हाई लेवल मीटिंग कर अफीम की खेती को रोकने के लिए ग्रामीणों से अपील कर रहे हैं. वहीं गुरुवार को आईजी अखिलेश झा खुद अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए ड्रोन, ट्रैक्टर और 700 जवानों को लेकर अफीम लगे खेतों में उतर गए.

