महाराष्ट्र के प्याज किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि प्याज की कीमतें गिरकर 800-1,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुँच गई हैं, जबकि उत्पादन लागत 2,500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। इस संकट के समाधान के लिए महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव एपीएमसी में तत्काल विशेष बैठक बुलाने का आग्रह किया है।
ऐतिहासिक पहल की उम्मीद
दिघोले ने जोर देकर कहा कि लासलगांव एपीएमसी में अब तक कोई मुख्यमंत्री नहीं पहुँचा है। “अगर सीएम फडणवीस यहाँ आकर किसानों की समस्याएँ सुनते हैं, तो वे इतिहास रच देंगे।” संघ ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर दीर्घकालिक समाधान जैसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने, भंडारण सुविधाएँ बढ़ाने और निर्यात नीतियों में सुधार की मांग की है।
कब होगा किसानों की समस्या का हल
संघ ने लासलगांव एपीएमसी के अधिकारियों से सीएम को औपचारिक निमंत्रण देने का अनुरोध किया है। किसानों को उम्मीद है कि फडणवीस जल्द ही इस मुद्दे पर कार्रवाई करेंगे। उधर, राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
महाराष्ट्र के प्याज किसानों की आवाज़ अब सीएम के दरवाज़े तक पहुँच चुकी है। अगर सरकार ने त्वरित कदम नहीं उठाए, तो यह संकट राज्य के कृषि अर्थव्यवस्था को गहरा झटका दे सकता है।
किसानों की मांग और संकट
संघ के संस्थापक अध्यक्ष भरत दिघोले और नासिक जिला अध्यक्ष जयदीप भदाने ने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि कम कीमतों और भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण किसानों को प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है। अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो किसानों का असंतोष बढ़ेगा।”ऐतिहासिक पहल की उम्मीद
दिघोले ने जोर देकर कहा कि लासलगांव एपीएमसी में अब तक कोई मुख्यमंत्री नहीं पहुँचा है। “अगर सीएम फडणवीस यहाँ आकर किसानों की समस्याएँ सुनते हैं, तो वे इतिहास रच देंगे।” संघ ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर दीर्घकालिक समाधान जैसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने, भंडारण सुविधाएँ बढ़ाने और निर्यात नीतियों में सुधार की मांग की है।कब होगा किसानों की समस्या का हल
संघ ने लासलगांव एपीएमसी के अधिकारियों से सीएम को औपचारिक निमंत्रण देने का अनुरोध किया है। किसानों को उम्मीद है कि फडणवीस जल्द ही इस मुद्दे पर कार्रवाई करेंगे। उधर, राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
महाराष्ट्र के प्याज किसानों की आवाज़ अब सीएम के दरवाज़े तक पहुँच चुकी है। अगर सरकार ने त्वरित कदम नहीं उठाए, तो यह संकट राज्य के कृषि अर्थव्यवस्था को गहरा झटका दे सकता है।

