֍:’भविष्य युद्ध में नहीं है, बुद्ध में है’§ֆ:पीएम मोदी ने कहा कि आज आप ओडिशा की जिस महान धरती पर जुटे हैं वो भारत की समृद्ध विरासत का प्रतिबिंब है. ओडिशा में हर जगह हमारी विरासत के दर्शन होते हैं. सैकड़ों वर्ष पहले ओडिशा से हमारी व्यापारी कारोबारी लंबा सफर करके बाली, सुमात्रा, जावा जैसे स्थानों तक जाते थे. ओडिशा में आज भी बाली यात्रा का आयोजन होता है. उन्होंने कहा कि दुनिया में जब तलवार के जोर पर साम्राज्य बढ़ाने का दौर था, तब हमारे सम्राट अशोक ने यहां शांति का रास्ता चुना था. हमारी इस विरासत का ये वही बल है जिसकी प्रेरणा से आज भारत दुनिया को कह पाता है कि भविष्य युद्ध में नहीं है, बुद्ध में है.§֍:सम्मेलन को लेकर विदेश मंत्री ने कही ये बात§ֆ:सम्मेलन को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हर दो साल में आयोजित होने वाले स सम्मेलन के माद्यम से विदेशों में रहने वाले हमारे भारतीय देश में हो रही प्रगति और विकास को देख पाते हैं. साथ ही इसका अनुभव भी ले पाते हैं. आप सभी न केवल अपने जीवन की उपलब्धियों पर गर्व कर करते हैं, बल्कि विदेशों में हमारे लिए बढ़ते सम्मान का भी अनुभव करते हैं. वैश्विक युग में प्रवासी समुदाय का महत्व प्रत्येक वर्ष के साथ बढ़ता गया है.§֍:सीएम माझी ने कही ये बात§ֆ:डिशा के मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि इस बार प्रवासी भारतीय दिवस की थीम ‘विकसित भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों का योगदान’ है. आज मैं ओडिशा की धरती से सभी का अभिवादन करता हूं.§ओडिशा के भुवनेश्वर में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें प्रवासी भारतीय द्वस सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी मोजूद रहे. सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह जीवंत त्योहारों का समय है. कुछ ही दिनों में प्रयागराज में महाकुंभ शुरू हो रहा है. मकर संक्रांति, बिहू, पोंगल, लोहड़ी जैसे त्योहार आने वाले हैं. हर जगह आनंदमय वातावरण है.

