֍:ओडिशा में आलू की हॉफ सेन्चुरी§ֆ:ओडिशा में महंगाई का ये आलम है कि राज्य में आलू की कीमतों में काफी इजाफा हो रहा है. ऐसे में आलू 45-50 रुपये प्रतिकिलो हो गया है. इस वजह से ग्राहकों की जेबें ढीली होती नजर आ रही हैं. राज्य सरकार आलू की बढ़ती कीमत को कम करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है और दूसरे राज्यों से आलू का निर्यात करा रही है. वहीं, पश्चिम बंगाल में कोल्ड स्टोरेज मालिकों की हड़ताल के कारण अब ओडिशा में आलू का संकट पैदा हो गया है. §֍:उत्तर प्रदेश से आएगा 20 ट्रक आलू §ֆ:राज्य के खाद्य आपूर्तिकर्ता और उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने कहा कि बैठक में उत्तर प्रदेश (यूपी) से आलू आयात करने का भी फैसला किया गया और शुरुआती चरण में व्यापारियों को यूपी से 20 ट्रक आलू लाने की अनुमति दी गई है. कीमतों के अंतर के बारे में पूछे जाने पर, पात्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश से आयात किए जाने वाले आलू की कीमत पश्चिम बंगाल के समान ही होगी. यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि राज्य में आलू की कमी हो रही है, क्योंकि पड़ोसी राज्य ने कथित तौर पर इसका परिवहन बंद कर दिया है, जिसके कारण कीमतें आसमान छू रही हैं. फिलहाल ओडिशा के बाजार में एक किलो आलू 40 रुपये या उससे अधिक में बिक रहा है. कई जगहों पर तो इसकी कीमत 50 रुपये किलो भी हो गई है.§भारत के राज्यों में सब्जियों को लेकर दामों से खलबली मची हुई है. हाल ही में ओडिशा ने पश्चिम बंगाल से आलू का निर्यात छोड़कर उत्तर प्रदेश को दे दिया था. क्योंकि पश्चिम बंगाल में आलू के दाम तेजी से बढ़ने लगे थे. यूपी से ओडिशा के आलू निर्यात शुरु करने के बाद से आलू के दामों में काफी इजाफा हुआ है. इसी को लेकर राज्य के खाद्य आपूर्तिकर्ता और उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने 1 अगस्त को कहा था कि ओडिशा पश्चिम बंगाल से आलू का आयात बंद करेगा. सचिवालय में व्यापारियों के संघ के साथ बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धीरे-धीरे पश्चिम बंगाल से आलू का आयात बंद करने का फैसला किया है.

