֍:खेती को मिलेगा बढ़ावा§ֆ:भारत में कई राज्यों में लहसुन, प्याज, धनिया, अदरक जैसी फसलों की काफी डिमांड है, कियोंकि ये सब्जियां लगभग हर दूसरी रेसिपी में इस्तेमाल की जाती है. ऐसे में ये सब्जियां भोजन में औषधीय गुणों को भी पूरा करती हैं, जो कि चाइनीज लहसुन से नहीं हो पाता. अब राज्य में देसी लहसुन की कीमतों के आसमान छूने पर चाइनीज लहसुन की तस्करी पर इसे थोड़ी सुर्खियां मिल जाती हैं. इस साल ही लहसुन 400 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड भाव पर बिका. लहसुन की मंहगाई की वजह से आम आदमी की भोजन की लज्जत प्रभावित न हो इसके लिए योगी सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत विशेष योजना के तहत लहसुन की खेती को बढ़ावा दे रही है.§֍:किसानों को मिलेगा अनुदान§ֆ:प्रदेश में प्रति हेक्टेयर 30,000 रुपये की अनुमान्य इकाई लागत तय की गई है. इसमें किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम 12,000 रुपये यानि 40 फीसद का अनुदान दिया जाएगा. योजना के तहत करीब 10,000 हेक्टेयर अतिरिक्त रकबे पर किसानों को लहसुन की खेती को विस्तार देना है. किसी भी फसल की उत्पादकता में गुणवत्तापूर्ण बीज का योगदान करीब 25 फीसद होता है. इसीलिए सरकार ने फैसला लिया है कि किसानों को बीज राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान द्वारा किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा. §֍:पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर रखी गई स्कीम§ֆ:इस योजना का लाभ प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर प्राप्त कर सकते हैं. इच्छुक किसानों को अपने जनपद के जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में संपर्क करना होगा. साथ ही किसान योजना में पंजीकरण करने के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://dbt.uphorticulture.in पर भी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं.§उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बाजार से चाइनीज लहसुन को हटाने के लिए योजना बना रही है. ऐसे में चीन से जरिए तस्करी आने वाले लहसुन की इंट्री अपने आप बंद हो जाएगी. उत्तर प्रदेश के किसानों को भी निर्यात की संभावनाएं बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया जाएगा. योगी सरकार इसके लिए प्रदेश में वैश्विक स्तर की बुनियादी संरचना (एक्सप्रेस वेज) तैयार कर चुकी है. साथ ही जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही सरकार किसानों और बागवानों के हित में एक्सपोर्ट हब की भी स्थापना कर रही है.

