֍:क्यों हुआ स्थानांतरण?
§ֆ:पीथमपुर ऑटो-टेस्टिंग ट्रैक के आसपास नीलगायों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिससे वाहन परीक्षण के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ था। साथ ही, इन जानवरों के प्राकृतवास को बचाने के लिए वन विभाग ने उन्हें मंदसौर जिले में स्थित गांधी सागर अभयारण्य में भेजने का निर्णय लिया।
§֍:विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ ट्रांसलोकेशन
§ֆ:वन अधिकारियों ने बताया कि नीलगायों को पकड़ने और स्थानांतरित करने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगाई गई थी। इस दौरान जानवरों को किसी तरह का नुकसान न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। गांधी सागर अभयारण्य को चुना गया क्योंकि यहां नीलगायों के लिए पर्याप्त चारागाह और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है।
§֍:औद्योगिक विकास और वन्यजीव संरक्षण में संतुलन
§ֆ:मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच तालमेल बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है। पीथमपुर ट्रैक पर वाहन निर्माता कंपनियों के परीक्षण कार्यों में अब कोई व्यवधान नहीं होगा, वहीं नीलगायों को भी एक सुरक्षित आवास मिल गया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी ऐसी योजनाएं बनाई जाएंगी, जिससे वन्यजीवों और मानव गतिविधियों के बीच सामंजस्य बना रहे।
§भोपाल, 21 मई 2025: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पीथमपुर ऑटो-टेस्टिंग ट्रैक (एशिया का सबसे बड़ा वाहन परीक्षण केंद्र) से करीब 50 नीलगायों को सुरक्षित रूप से गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है। यह कदम वन विभाग और औद्योगिक प्रशासन के बीच समन्वय से उठाया गया, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

