ֆ:चीन के फाइनेंशियल हब सेंटर शंघाई में दिए गए भाषण में बर्न्स ने यह भी कहा कि रूस का आक्रमण जो अब अपने तीसरे साल में पहुंच चुका है, यूरोप के लिए अस्तित्व का संकट बन गया है.
बर्न्स ने कहा कि हमारा मानना है कि इस क्रूर युद्ध के लिए रूस के डिफेंस को मजबूत करने के लिए हजारों की संख्या में चीनी कंपनियों को रूस को तकनीक, माइक्रोप्रोसेसर और नाइट्रोसेल्यूलोज सप्लाई करने की इजजात देना एक बड़ी गलती है.
§अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स ने कहा कि मिसाइलों और अन्य हथियारों में अपनी तकनीक के जरिए रूस की मदद करना चीन की एक ‘बड़ी गलती’ है.

