֍:वाणिज्य मंत्री ने दी जानकारी§ֆ:वाणिज्यं मंत्री जितिन प्रसाद ने एक लिखित जवाब में कहा, ‘इस नए फैसले से 20 से ज्याकदा जीआई चावल की किस्मों को फायदा होगा जिन्हें जियोग्राफिकल इंडीकेशंस ऑफ गुड्स (रजिस्ट्रे शन एंड प्रोटेक्शतन) एक्टइ 1999 के तहत परिभाषित किया गया है और मान्य ता दी गई. ये वो चावल हैं जो भारत के 10 से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में उगाए जाते हैं.’ §֍:§ֆ:जितिन प्रसाद ने बासमती और गैर-बासमती चावल के क्लाचसीफिकेशन से जुड़े सवाल पर कहा कि इस कदम से बासमती के अलावा चावल की जीआई किस्मों के वाणिज्य और व्यापार के विकास के लिए केंद्रित नीति निर्माण और विशिष्ट हस्तक्षेप संभव हो सकेगा. प्रसाद ने कहा कि बासमती चावल को बाकी चावलों से अलग करने के लिए सरकार ने साल 2008 में मानकों और योग्यताओं को अधिसूचित किया था. §֍:गर्मी से फसल पर प्रभाव§ֆ:राज्य्सभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि गेहूं की उपज और अनाज की गुणवत्ता पर बढ़ते तापमान और गर्मी के तनाव का आकलन किया जाएगा. उन्होंयने बताया कि इसके लिए आईसीएआरआईआईडब्ल्यूबीआर, करनाल की तरफ से स्टकडी की गई थी. 2021-22 में जब गर्मी का असर ज्याकदा था, तो उस दौरान एनडब्ल्यूपीजेड और उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्र (एनईपीजेड) में की गई स्टडडी से कुछ नतीजे हासिल हुए थे. इन अध्ययनों से पता चला है कि साल 2020-21 की तुलना में एनडब्ल्यूपीजेड में अधिकतम तापमान में 5.500 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ और इससे उच्च तापमान तनाव की स्थिति में औसत उपज में 5.6 फीसदी का नुकसान हुआ. §केंद्र सरकार की ओर से चावल निर्यात के लिए मई से नई टैरिफ लाइन व्यवस्था लागू होगी. इसको लेकर संसद में वाणिज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नई टैरिफ लाइन के लिए चावल आधारित प्रक्रिया जैसे प्री-ब्वॉ यल्डस और बाकी, साथ ही किस्म जैसे जीआई टैग हासिल बासमती चावल और बाकी के आधार पर केंद्र सरकार इस व्यावस्था को लागू करेगी.

