भारतीय किसान उर्वरक सहकारी संगठन (इफको) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में ₹3,811 करोड़ का कर-पूर्व मुनाफा (PBT) दर्ज किया है। कंपनी ने नैनो उर्वरकों की बिक्री में 47% की उल्लेखनीय वृद्धि की है, जो कृषि क्षेत्र में नवाचार और टिकाऊ समाधानों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
इफको के एक बयान के अनुसार, नैनो उर्वरकों की बिक्री में तेजी से किसानों के बीच इसकी स्वीकार्यता बढ़ रही है। यह उत्पाद पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कम मात्रा में उपयोग किए जाने के बावजूद अधिक प्रभावी हैं और मिट्टी की सेहत को बनाए रखने में मदद करते हैं।
इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. यू.एस. अवस्थी ने कहा, “हमारा लक्ष्य किसानों को किफायती और पर्यावरण अनुकूल उर्वरक उपलब्ध कराना है। नैनो तकनीक पर हमारा फोकस अब रंग ला रहा है और इससे कंपनी की वित्तीय सेहत भी मजबूत हुई है।”
कंपनी ने अपनी विपणन रणनीति और उत्पादन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया है, जिससे देशभर में इसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है। सरकार की ‘आत्मनिर्भर कृषि’ पहल के तहत नैनो उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे इफको जैसी कंपनियों को लाभ हो रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि उर्वरक क्षेत्र में नैनो तकनीक भविष्य की दिशा तय करेगी और इफको इस मामले में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। कंपनी ने इस साल नैनो उर्वरकों के निर्यात को भी बढ़ाने की योजना बनाई है।

