֍:7 फीसदी घटने का अनुमान§ֆ:खरीफ में कपास के बुवाई क्षेत्रफल में कमी और बारिश की स्थितियों से हुए नुकसान के चलते भारतीय कपास संघ (CAI) ने उत्पादन में गिरावट का अनुमान जताया है. कपास संघ के अनुसार 2024-25 में कपास की फसल पिछले साल के मुकाबले 7 फीसदी घटकर 170 किलो की 302.25 लाख गांठ रह जाएगी. पिछले सीजन में उत्पादन 325.29 लाख गांठ दर्ज किया गया था. ऐसे में अक्टूबर 2024 से शुरू हुए नए सीजन में भारत का कपास आयात बढ़कर 25 लाख गांठ होने की आशंका है, जो एक साल पहले सिर्फ 17.5 लाख गांठ था. §֍:कीमतों में हुई बढ़ोतरी§ֆ:कपास उत्पादन में गिरावट अनुमानों के बीच कपास का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी से करीब 8 फीसदी ऊपर पहुंच गया है. कमोडिटी प्राइस इंडेक्स एगमार्कनेट के अनुसार 22 अक्तूबर को राजस्थान की घड़साना मंडी में कपास का मॉडल प्राइस 8100 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है. यह कीमत कपास की एमएसपी 7521 रुपये प्रति क्विंटल से करीब 8 फीसदी अधिक है. इससे पहले 21 अक्टूबर को मंडी में कपास का दाम 8030 रुपये प्रति क्विंटल था. §भारत में कपास उत्पादन में गिरावट के अनुमान लगाए जा रहे हैं. जिसके बाद कीमतों में उछाल शुरु हो गया है. कपास की बाजार कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी से 8 फीसदी ऊपर पहुंच गई हैं. घरेलू स्तर पर कीमतों में देखा जा रहा उछाल वैश्विक बाजार को भी प्रभावित करेगा. भारतीय कपास संघ के अनुसार पिछले सीजन में कपास का उत्पादन 325.29 लाख गांठ दर्ज किया गया था, जिससे 7 फीसदी कम रहने का अनुमान है. ऐसे में कपास की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है.

