Farmers Protest: मध्य प्रदेश के खरगौन ज़िले में यूरिया खाद की किल्लत ने किसानों का धैर्य तोड़ दिया है। लगातार टोकन मिलने के बावजूद खाद नहीं मिलने से नाराज़ सैकड़ों किसान बुधवार को चित्तौड़गढ़-भुसावल स्टेट हाईवे पर बैठ गए और सड़क को जाम कर दिया। किसानों का कहना है कि वे अपने परिवारों के साथ 12 से 15 घंटे तक विपणन केंद्रों पर कतार में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं।
धरने पर बैठे किसान
खरगौन मुख्यालय के बिस्टान नाका क्षेत्र में करीब 300 से अधिक आदिवासी किसानों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। टोकन मिलने के बावजूद खाद न मिलने से किसान भड़क उठे। सुबह से खाद के इंतजार में खड़े किसानों ने दोपहर बाद नाराज़गी जताते हुए हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। खरगौन एसडीएम बीएस कलेश, कृषि उपसंचालक शिव सिंह राजपूत, तहसीलदार दिनेश सोनरतिया और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश देकर जाम खुलवाने की कोशिश की। अधिकारियों ने बताया कि 13 जुलाई तक खाद की नई खेप (रैक) आने की उम्मीद है, जिसके बाद आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
क्या है खाद संकट की वजह?
जिले में खरीफ सीजन में यूरिया की मांग लगभग 75 हजार टन है, जबकि अभी तक केवल 45 हजार टन ही उपलब्ध हो पाया है। किसान आरोप लगा रहे हैं कि सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं मिल रही है, जबकि बाजार में वही खाद ऊंचे दामों पर बिक रही है। ऐसे में गरीब और छोटे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
किसानों की मांग:
- पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद की आपूर्ति
- टोकन सिस्टम में पारदर्शिता
- बाजार में कालाबाज़ारी पर सख्त कार्रवाई
- सरकार से तत्काल राहत पैकेज की मांग

