पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना स्थित कृषि महाविद्यालय में दीक्षांत एवं पुरस्कार वितरण समारोह 2025 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 160 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां, गोल्ड मेडल, मेरिट सर्टिफिकेट्स, अकादमिक रोल ऑफ ऑनर और अन्य पुरस्कार प्रदान किए गए। ये छात्र बी.एससी. (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी, बी.टेक बायोटेक्नोलॉजी और बी.टेक फूड टेक्नोलॉजी जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों से उत्तीर्ण हुए थे। समारोह में पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने मुख्य अतिथि डॉ. राजबीर सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को डिग्रियां और पुरस्कार प्रदान किए।
डॉ. राजबीर सिंह का प्रेरणादायी संबोधन
मुख्य अतिथि डॉ. राजबीर सिंह ने डिग्री प्राप्त कर रहे छात्रों को बधाई देते हुए कहा, “आप सौभाग्यशाली हैं कि आपको पीएयू जैसे संस्थान में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार का प्रतीक है। यही विश्वविद्यालय है जिसने उच्च उत्पादकता वाली फसल किस्मों, अत्याधुनिक कृषि यंत्रों और टिकाऊ खेती के माध्यम से भारत की कृषि को बदल कर रख दिया है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को तीन मंत्र दिए:
- स्वयं का मूल्यांकन करें और अपनी कमज़ोरियों और क्षमताओं को पहचानें।
- अपने जीवन का लक्ष्य तय करें और उस दिशा में एकनिष्ठ होकर कार्य करें।
- परिश्रम करें, विफलताओं से न घबराएं और जब तक सफलता न मिले, पुनः प्रयास करते रहें।
डॉ. सिंह ने पीएयू द्वारा उच्च मूल्य वाली फसलों और स्मार्ट मार्केटिंग प्रणाली के माध्यम से कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने की सराहना की। उन्होंने “स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन एग्रीकल्चर” जैसे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय आधुनिक तकनीकों को खेती के केंद्र तक पहुंचा रहा है।
कृषि महाविद्यालय के डीन का रिपोर्ट प्रस्तुतिकरण
इस अवसर पर, कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. सी.एस. औलख ने महाविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक कॉलेज से 8,901 स्नातक, 5,207 परास्नातक और 1,768 डॉक्टरेट विद्यार्थी निकल चुके हैं। उन्होंने कहा, “यह महाविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि हरित क्रांति का अग्रदूत रहा है।” उन्होंने छात्रों को महाविद्यालय के प्रेरक आदर्श वाक्य “Learn to Live and Serve” की याद भी दिलाई।
समारोह का समापन: नई शुरुआत की ओर कदम
दीक्षांत समारोह न केवल एक शैक्षणिक यात्रा की समाप्ति, बल्कि जीवन के नए अध्याय की शुरुआत भी है। पीएयू के इस आयोजन ने न केवल छात्रों के परिश्रम को मान्यता दी, बल्कि उन्हें भावी कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी और नवप्रवर्तनकर्ता बनने की प्रेरणा भी दी।

