֍:24 घंटे में केरल पहुंचेगा मॉनसून §ֆ:केरल में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 1 जून है. हालांकि, 1918 में राज्य में 11 मई को ही मानसून ने दस्तक दे दी थी, जो आज तक का केरल में सबसे जल्दी मानसून आगमन का इकलौता मामला है. दूसरी ओर, मानसून के देरी से केरल आगमन का रिकॉर्ड 1972 में दर्ज है, जब मानसून की बारिश 18 जून को शुरू हुई थी. पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक देरी से मानसून का आगमन 2016 में हुआ, जब मानसून ने 9 जून को केरल में प्रवेश किया.§֍:अगले 24 घंटे में करेल में दस्तक दे सकता है मानसून§ֆ:आईएमडी ने एक बयान में कहा, ‘अगले 2-3 दिनों में केरल में मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.’ इस वर्ष मानसून के आने का पूर्वानुमान आईएमडी के 27 मई के डेडलाइन के भीतर है, जिसमें चार दिनों का मॉडल एरर मार्जिन चलता है. पिछले साल मानसून ने केरल में 30 मई को दस्तक दी थी. मानसून का समय पर आगमन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है, जहां वार्षिक वर्षा का लगभग 70% जून-सितंबर की अवधि के दौरान होता है. §अगले 24 घंटों में मानसून केरल में पहुंचने वाला है, जो अपने तय समय से करीब एक सप्ताह पहले है. इस साल केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी होने वाला है. राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं. निम्न दबाव वाले क्षेत्र और आगे बढ़ते मानसून सिस्टम के कारण पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी वर्षा हुई है. पिछली बार राज्य में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में आया था, जब यह 23 मई को राज्य में पहुंचा था.

