मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मंत्री से शीर्ष पद पर उनकी तेजी से हुई उन्नति ने धीमी गति से काम करने वाली आयुर्वेदिक दवाओं के मिथक को गलत साबित कर दिया है, क्योंकि वे खुद पारंपरिक दवाओं के लाभार्थी हैं.
नवंबर 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवराज सिंह चौहान के बाद मुख्यमंत्री बनने वाले मोहन यादव ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, आयुर्वेदिक दवाओं ने आम धारणा के विपरीत उनके लिए बहुत तेजी से काम किया है.
भोपाल में पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक संस्थान में आयोजित आयुर्वेद पर्व 2025 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोग कहते हैं कि आयुर्वेदिक दवाएं अच्छी होती हैं, लेकिन वे धीरे-धीरे काम करती हैं. हालांकि, मेरे मामले में उन्होंने बहुत तेजी से काम किया…मैं आयुर्वेदिक दवाएं लेने के कारण (उच्च) शिक्षा मंत्री से मुख्यमंत्री बना हूं.”
CM यादव ने कहा कि हालांकि आयुर्वेद भारतीय चिकित्सा की सदियों पुरानी सिद्ध प्रणाली है, लेकिन इसे वैश्विक स्तर पर नहीं अपनाया गया है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योग और आयुर्वेद के वैश्विक राजदूत हैं.
उन्होंने कहा, “मैं हर दिन एक घंटे योग करता हूं और जरूरत पड़ने पर आयुर्वेदिक दवाएं लेता हूं.”
मुख्यमंत्री बोले कि आयुर्वेद हमारी भारतीय चिकित्सा पद्धति का आधार है. भारतीय आयुर्वेद की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान काल में भी स्वस्थ जीवन एवं रोगों के उपचार में यह अत्यंत प्रभावशाली है.

