भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने खरीफ फसलों की बुवाई की प्रगति रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट 27 जून 2025 तक के आंकड़ों पर आधारित है। आंकड़ों के अनुसार, देशभर में कुल 262.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 26.71 लाख हेक्टेयर अधिक है।
मुख्य फसलों की बुवाई का हाल (लाख हेक्टेयर में):
1. धान (चावल)
सामान्य क्षेत्र: 09
इस वर्ष बुवाई: 02
पिछले वर्ष: 78
वृद्धि: 24 लाख हेक्टेयर
2. दलहन फसलें
कुल बुवाई: 09 (पिछले वर्ष: 15.37)
वृद्धि: 73 लाख हेक्टेयर
अरहर: घटकर 35 (पिछले वर्ष 8.67)
उड़द: बढ़कर 35 (पिछले वर्ष 1.42)
मूंग: बढ़कर 58 (पिछले वर्ष 4.30)
कुल्थी, मोठ और अन्य दालों में भी हल्की बढ़त
3. श्री अन्न (मोटे अनाज)
कुल बुवाई: 75 (पिछले वर्ष: 35.01)
वृद्धि: 74 लाख हेक्टेयर
ज्वार, बाजरा, मक्का की बुवाई में वृद्धि
रागी और छोटे मोटे अनाजों में हल्की कमी
4. तिलहन फसलें
कुल बुवाई: 99 (पिछले वर्ष: 40.82)
वृद्धि: 17 लाख हेक्टेयर
मूंगफली: 79 (पिछले वर्ष 8.14) — 7.65 की वृद्धि
सोयाबीन, सूरजमुखी और तिल में भी मामूली बढ़त
5. गन्ना
इस वर्ष: 16 (पिछले वर्ष: 54.88)
वृद्धि: 29 लाख हेक्टेयर
6. जूट और मेस्ता
इस वर्ष: 47 (पिछले वर्ष: 5.62)
कमी: 15 लाख हेक्टेयर
7. कपास
इस वर्ष: 66 (पिछले वर्ष: 59.97)
31 लाख हेक्टेयर की कमी
खरीफ सीजन 2025 में अब तक की बुवाई कुल 262.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 26.71 लाख हेक्टेयर अधिक है। खासतौर पर धान, दलहन, मोटे अनाज और तिलहन की बुवाई में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। वहीं, कपास और जूट की बुवाई में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
कृषि मंत्रालय का कहना है कि मानसून की अनुकूल शुरुआत और किसानों की सक्रिय भागीदारी ने इस साल बुवाई में तेजी लाई है। आने वाले हफ्तों में यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।

